राफेल आगमन : राष्ट्र रक्षा को नया आयाम
   Date30-Jul-2020

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भारतीय सेना के इतिहास में नए युग की शुरुआत - राजनाथ
अंबाला द्य 29 जुलाई (वा)
भारत की सामरिक मजबूती के साथ राष्ट्र रक्षा को नया आयाम बुधवार को उस समय मिला जब फ्रांस से 7 हजार किलोमीटर की दूरी तय करके अत्याधुनिक 5 फाइटर जेट राफेल विमान बुधवार दोपहर करीब 3.15 बजे अंबाला एयरबेस पर उतरे। राफेल ने कुछ देर तक अंबाला के आसमान पर गरजते हुए उड़ान भरी और फिर एयरबेस पर स्मूद लैंडिंग की। पांचों राफेल एक ही एयरस्ट्रिप पर एक के बाद एक उतरे। इसके बाद इन्हें वॉटर कैनन सैल्यूट दिया गया।
राफेल की अगवानी वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया समेत वेस्टर्न एयर कमांड के कई अधिकारियों ने की। अंबाला एयरबेस पर 17वीं गोल्डन एरो स्क्वॉड्रन राफेल की पहली स्क्वॉड्रन होगी। 22 साल बाद भारत को 5 नए फाइटर प्लेन मिले हैं। इससे पहले 1997 में भारत को रूस से सुखोई मिले थे। एटमी हथियार ले जाने की ताकत रखने
वाला ये विमान दुनिया में अकेला ऐसा फाइटर एयरक्राफ्ट है, जो 55 हजार फीट की ऊंचाई से भी दुश्मन को तबाह करने की ताकत रखता है। सबसे अहम बात यह है कि ये काबिलियत हमारे पड़ोसियों पाकिस्तान और चीन दोनों की ही सेना के पास नहीं है। उधर फ्रांस से अत्याधुनिक राफेल जेट लड़ाकू विमान के अंबाला एयरबेस पर लैंड करने के तुरंत बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बुधवार को कहा कि यह भारतीय सेना के इतिहास में नए युग की शुरुआत है। श्री सिंह ने राफेल विमानों के अंबाला में लैंड करने के तुरंत बाद ही ट्विट कर इनके आगमन की पुष्टि की। उन्होंने ट्विट की श्रृंखला में कहा ये अत्याधुनिक विमान भारतीय वायुसेना की क्षमताओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे।