गहलोत की धमकी : जनता राजभवन का घेराव करे तो हम जिम्मेदार नहीं
   Date25-Jul-2020

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जयपुर द्य 24 जुलाई (वा)
राजस्थान उच्च न्यायालय ने व्हिप उल्लंघन के मामले में राजस्थान के निष्कासित उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट सहित 19 विधायकों को विधानसभाध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी के दिए गए नोटिस पर रोक लगा दी है। उधर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपनी सरकार का बहुमत साबित करने के मामले में विधायकों के साथ आज राजभवन पहुंचे। इसके पूर्व गहलोत ने धमकी भरे अंदाज में कहा कि अगर राजस्थान की जनता ने राजभवन घेर लिया तो हमारी जिम्मेदारी नहीं होगी। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश प्रकाश गुप्ता ने आज फैसला सुनाते हुए यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया। न्यायालय ने दल-बदल विरोधी कानून के तहत फैसला करने का अधिकार अध्यक्ष पर छोड़ा है। पायलट गुट ने अदालत से उन्हें अयोग्य घोषित नहीं करने के मामले में गुहार की थी, लेकिन अदालत ने मामला अध्यक्ष पर छोड़ते हुए कहा है कि अदालत इसमें कोई दखल नहीं दे सकती। विधानसभाध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने व्हिप नोटिस के मामले में उच्चतम न्यायालय की शरण ली थी तथा सुनवाई पर रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली और आदेश दिया
कि उच्च न्यायालय का निर्णय अंतिम नहीं होगा। अब इस मामले की सुनवाई उच्चतम न्यायालय में सोमवार को होगी।
वधानसभा अध्यक्ष ने सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी की याचिका पर व्हिप उल्लंघन मामले में नोटिस जारी किया था, जिसे पायलट गुट ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। अदालत ने आज केंद्र सरकार को पक्षकार बनाने की याचिका भी स्वीकार की है, जिस पर सुनवाई बाद में की जाएगी।
वहीं राजभवन पहुंचने के बाद कांग्रेस एवं निर्दलीय विधायक सामाजिक दूरी का पालन करते हुए राजभवन के लॉन में बैठ गए। सभी विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समर्थन में तथा केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री गहलोत ने राज्यपाल कलराज मिश्र से मिलने गए तथा अविलम्ब विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की गई।सूत्रों ने बताया कि राज्यपाल ने श्री गहलोत से कहा कि कोरोना महामारी के दौरान विधानसभा सत्र बुलाने के मामले में विधिक राय ली जा रही है। इससे पूर्व सभी विधायक एक पंच सितारा होटल से चार बसों में बैठकर राजभवन लाए गए। मुख्यमंत्री श्री गहलोत भी विधायकों के साथ बस में बैठकर आए थे। गौरतलब है कि श्री गहलोत कल ही राज्यपाल श्री मिश्र से मिले थे तथा अविलम्ब विधानसभा बुलाने की मांग की थी, लेकिन इस पर अभी तक राज्यपाल की ओर से जवाब नहीं मिलने पर मजबूरन सभी विधायकों को लेकर राजभवन आए।