डब्ल्यूएचओ से पहले भारत के 'वायुÓ ने 9 मार्च को ही बताया था- हवा से फैलता है कोरोना
   Date10-Jul-2020

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कोलकाता द्य9 जुलाई (वा)
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भले ही कोरोना वायरस के हवा के जरिए से फैलने की बात को 7 जुलाई को स्वीकार किया हो, लेकिन भारत के 'वायुÓ ने मार्च, 2020 में ही ऐसा बता दिया था। उस समय कोरोना वायरस ने भारत में अपने पैर पसारने शुरू ही किए थे। 'वायुÓ चंडीगढ़ में पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) और पंजाब विश्वविद्यालय के दो स्वास्थ्य और प्रदूषण विशेषज्ञों द्वारा बनाई गई चार पार्ट वाली कॉमिक सीरीज का लीड कैरेक्टर है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 12 साल से कम उम्र के बच्चों में कोरोना वायरस की जागरुकता के लिए नौ मार्च को 'किड्स, वायु और कोरोना - कौन जीतेगा लड़ाई?Ó का पहला पार्ट जारी किया था। कॉमिक्स में, एक दिन कुछ बच्चों के समूह ने टीवी पर कोरोना वायरस को लेकर ब्रेकिंग न्यूज देखते हैं। बच्चों के पिता के पास उन्हें बीमारी के बारे में बताने के लिए ज्यादा समय नहीं होता है।
ऐसे में बच्चे पहाड़ों पर रहने वाले सुपर हीरो 'वायुÓ को बुलाते हैं। इसके फौरन बाद 'वायुÓ उड़ता हुआ वहां आता है और वायरस के बारे में सारी जानकारी देता है। वह बताता है कि कोरोना वायरस आखिर कैसे फैलता है और इसे कैसे रोका जा सकता है।
पीजीआईएमईआर में सामुदायिक चिकित्सा और स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के विभाग में प्रोफेसर (पर्यावरण स्वास्थ्य) रवींद्र खाईवाल ने बताया- पहले पार्ट में 'वायुÓ से पूछा गया कि बीमारी कैसे फैलती है? वह बताता है कि वायरस हवा के जरिए से भी फैलता है। इससे यह पता चलता है कि 'वायुÓ ने कोरोना वायरस के हवा के जरिए से फैलने की थ्योरी को बच्चों को काफी पहले ही बता दिया था। डब्ल्यूएचओ ने इस बात को अब माना है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंगलवार को कोरोना वायरस के हवा के जरिए फैलने की बात को 'उभरते हुए सबूतÓ के रूप में स्वीकार किया है। इसको लेकर दुनियाभर के 289 वैज्ञानिकों ने संगठन को पत्र लिखा था। चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी में पर्यावरण अध्ययन विभाग की प्रमुख सुमन मोर कहती हैं- जब हम छींकते हैं और खांसते हैं तो हम केवल कणों को बाहर नहीं निकालते हैं। सूक्ष्म कण भी होते हैं, जबकि मैक्रो कण (आकार में 5 माइक्रो मीटर से 10 माइक्रोमीटर तक) एक नजदीकी सीमा के भीतर छोटी बूंद के संचरण से गुजर सकते हैं और लंबे समय तक हवा में रह सकते हैं। इसे ही हवा के जरिए फैलना कहते हैं।