संकट एक चुनौती
   Date27-Jun-2020

prernadeep_1  H
प्रेरणादीप
इंग्लैंड का प्रसिद्ध राजा फिलिप युद्ध की संभावनाओं से सदा घबराता रहता था। वह सदा प्रयत्नशील रहता कि जीवन में ऐसी किसी घड़ी का सामना न करना पड़े, जब उसे युद्ध करना पड़े। एक बार वह शिकार करने गए तो मार्ग में दस्युओं के एक दल ने उसकी टोली पर आक्रमण कर दिया। राजा के सहयोगी भी उसकी तरह युद्ध की संभावनाओं से भयभीत रहने वाले थे, सो संकट को सामने देखकर वे भाग खड़े हुए। कुछ क्षणों तक तो फिलिप को समझ में नहीं आया कि वह क्या करे? वह अकेला था और दस्युओं की संख्या बीस के करीब रही होगी। संकट की इन घडिय़ों में वह किंकत्र्तव्यविमूढ़-सा हो गया। कुछ देर तक ऐसी ही अवस्था में रहने पर उसे अंतर्वाणई-सी हुई और उसने उसे चेताया कि वह राजा है और इस छोटे से संकट का सामना करने में समर्थ है। राजा फिलिप ने उन दस्युओं को मार भगाया। संकट की इन घडिय़ों ने ही उसे महान राजा के रूप में प्रतिष्ठित किया।