चीन ने राजीव गांधी फाउंडेशन को दान दिया कांग्रेस बताए कि उसने किस शर्त पर रु. लिए
   Date26-Jun-2020

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नई दिल्ली द्य 25 जून (वा)
पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी पर भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद सरकार पर हमलावर कांग्रेस के खिलाफ अब भाजपा ने भी मोर्चा खोल दिया है। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को आरोप लगाया कि राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन ने 2005-06 में तीन लाख डॉलर (करीब 2 करोड़ 26 लाख रु.) का दान (डोनेशन) दिया था। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि यह रुपए किन शर्तों पर लिए गए और इन रुपयों का क्या किया गया?
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में चीन ने हमारी जमीन पर कब्जा किया। कांग्रेस बताए कि राजीव गांधी फाउंडेशन को यह रुपए चीन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) यानी किबिना रोक-टोक के आयात-निर्यात को प्रमोट करने के लिए मिले। मालूम हो कि डोनेशन देने की जब शुरुआत हुई थी, तब राजीव गांधी फाउंडेशन ने कई सारे स्टडीज का हवाला देते हुए बताया था कि भारत और चीन के बीच एफटीए बेहद जरूरी है।
राजीव गांधी फाउंडेशन को पॉलिटिकल एसोसिएशन बताया-केंद्रीय कानून मंत्री ने बताया कि फॉरेन कांट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट के तहत कोई भी राजनीतिक पार्टी विदेश से पैसा नहीं ले सकती है। साथ ही कोई भी एनजीओ बिना सरकार की अनुमति के विदेश से रुपया नहीं ले सकता है। कांग्रेस बताए कि इस डोनेशन के लिए क्या सरकार से मंजूरी ली गई थी? उन्होंने आरोप लगाया कि राजीव गांधी फाउंडेशन एजुकेशन एंड कल्चरल बॉडी नहीं है। यह एक पॉलिटिकल एसोसिएशन है।
सोनिया गांधी फाउंडेशन की चेयरपर्सन हैं-कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी, राजीव गांधी फाउंडेशन की चेयरपर्सन हैं। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी इस बोर्ड के सदस्य हैं।