शक्ति का उपयोग
   Date25-Jun-2020

prernadeep_1  H
प्रेरणादीप
श्रु तायुध ने भगवान शिव की तपस्या करके उनसे ऐसी गदा प्राप्त की, जिसका प्रहार त्रिलोक में किसी के लिए सह पाना संभव नहीं था। गदा देते समय भगवान शिव ने श्रुतायुध को आगाह किया कि गदा का उपयोग मात्र सत्कार्यों में किया जा सकता है, यदि व्यक्तिगत राग-द्वेष की पूर्ति के लिए इसका उपयोग हुआ तो यही गदा उसकी मृत्यु का कारण बनेगी। महाभारत के युद्ध में श्रुतायुध को अर्जुन के सामने लडऩे आना पड़ा। भगवान कृष्ण को श्रुतायुध की गदा के विषय में ज्ञात था और वे जानते थे कि यदि वह गदा चली तो अर्जुन उस प्रहार को झेल न सकेंगे। भगवान श्रीकृष्ण श्रुतायुध को देखकर हंस पड़े। श्रुतायुध को लगा कि संभवतया भगवान कृष्ण उसे कुरूप समझकर उस पर हंस रहे हैं। क्रोध में वह अपना संयम खो बैठा और भगवान शिव की चेतावनी भूल गया। उसने वह गदा भगवान कृष्ण को लक्ष्य कर फेंकी, परंतु गदा ने लौटकर श्रुतायुध का ही वध कर दिया। शक्तियों का उपयोग विवेक सम्मत तरीके से ही किया जाना चाहिए, अन्यथा दंड का भागी बनना पड़ता है।