देश की सुरक्षा और रणनीतिक मुद्दों पर सोच-समझकर बयान देना चाहिए
   Date23-Jun-2020

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नई दिल्ली द्य 22 जून (वा)
चीन के मुद्दे पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह ने पहली बार टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि देश की सुरक्षा, रणनीति और सीमाओं के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सोच-समझकर बयान देना चाहिए। उन्हें सावधान रहना चाहिए कि इन मामलों में उनकी बातों का क्या असर पड़ेगा। शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक में मोदी के बयान पर हुए विवाद के बाद मनमोहनसिंह ने सोमवार को यह कमेंट किया।
सरकार ने कोई कमी छोड़ी तो यह जनता से धोखा होगा-मनमोहनसिंह का कहना है- सरकार को कुछ बड़े कदम उठाने चाहिए, ताकि हमारी सीमाओं की सुरक्षा में शहीद हुए जवानों को न्याय मिल सके। सरकार ने कोई कमी छोड़ दी तो यह देश की जनता से विश्वासघात होगा। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि हम ऐतिहासिक मोड़ पर हैं। इस वक्त सरकार के फैसले और कार्रवाई से यह तय होगा कि आने वाली पीढिय़ों की हमारे बारे में क्या राय होगी? हमारी लीडरशिप को जिम्मेदारियां उठानी पड़ती हैं। भारतीय लोकतंत्र में यह जिम्मेदारी प्रधानमंत्री ऑफिस की होती है। डॉ. मनमोहन ने कहा कि चीन ने 2000 से लेकर आज तक गलवान वैली और पैंगोंग झील में कई बार जबरन घुसपैठ की है। हम उसकी धमकियों और दबाव के आगे नहीं झुकेंगे और ना ही देश की अखंडता से कोई समझौता करेंगे। प्रधानमंत्री को अपने बयान से उनकी साजिश के रवैए को बढ़ावा नहीं देनी चाहिए, साथ ही तय करना चाहिए कि हालात और ज्यादा गंभीर नहीं हों।