घर, कार व अन्य ऋण सस्ते होंगे
   Date23-May-2020

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आरबीआई ने रेपो और रिवर्स रेपो दर में 40 आधार अंकों की कटौती कीनई दिल्ली द्य 22 मई (वा)
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से भारतीय अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने के उद्देश्य से रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने नीतिगत दरों में विशेषकर रेपो दर और रिवर्स रेपो दर में 40 आधार अंकों की शुक्रवार को कटौती करने की घोषणा की, जिससे घर, कार और अन्य ऋण के सस्ते होने की उम्मीद बनी है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने समिति की आज सम्पन्न तीन दिवसीय बैठक के बाद कहा कि समिति ने कोरोना के कारण उत्पन्न घरेलू और वैश्विक स्थिति की समीक्षा की है और इस संबंध में हुई विस्तृत चर्चा के बाद समिति ने बहुमत के आधार पर यह निर्णय लिया है। समिति के पांच सदस्यों ने नीतिगत दरों में कटौती के पक्ष में मतदान किया, जबकि एक ने विरोध में मत दिया। उन्होंने कहा कि रेपो दर को वर्तमान के 4.40 प्रतिशत से 40 आधार अंक कम कर 4.0 प्रतिशत कर दिया गया है। इसी तरह से रिवर्स रेपो दर 3.75 प्रतिशत से घटकर 3.35 प्रतिशत पर और बैंक दर 4.65 प्रतिशत से कम होकर 4.25 प्रतिशत हो गई है। इसी तरह से मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (एमएसएफ) भी 40 आधार अंक कम होकर 4.25 प्रतिशत पर आ गई है।
विकास दर के ऋणात्मक संभव - ठ्ठ वृहद आर्थिक और वित्तीय स्थिति बहुत गंभीर स्थिति में है। वैश्विक अर्थव्यवस्था गहरी मंदी की ओर जा रही है। वैश्विक विनिर्माण पर्चेजिंग सूचकांक अप्रैल में 11 महीने के निचले स्तर पर आ गया। घरेलू स्तर पर दो माह की तालाबंदी में अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है। औद्योगिक उत्पादन में 60 फीसदी योगदान करने वाले देश के छह प्रमुख औद्योगिक राज्य अधिकांशत: लाल या नारंगी जोन में हैं। हर तरह की वस्तुओं की मांग में गिरावट देखी जा रही है। इसके मद्देनजर चालू वित्त वर्ष में विकास दर के ऋणात्मक रहने की आशंका है।
ईएमआई होल्ड करने की अवधि अगस्त तक बढ़ी
आरबीआई ने टर्म लोन मोरटोरियम 31 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया है। पहले यह 31 मई तक के लिए था। तीन महीने और बढऩे से अब 6 महीने के मोरटोरियम की सुविधा हो गई है। यानी इन 6 महीने अगर आप अपनी ईएमआई नहीं चुकाते हैं तो आपका लोन डिफॉल्ट या एनपीए कैटेगरी में नहीं माना जाएगा।
ब्याज दरों में कटौती - गवर्नर ने बताया कि एमपीसी की बैठक में 6-5 सदस्यों ने ब्याज दरें घटाने के पक्ष में सहमति जताई। इस फैसले से होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन सहित सभी तरह के कर्ज पर ईएमआई सस्ती होगी। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली एमपीसी ने पिछली बार 27 मार्च को रेपो दर (जिस दर पर केंद्रीय बैंक बैंकों को उधार देता है) में 0.75 प्रतिशत की कमी करते हुए इसे 4.14 प्रतिशत कर दिया था।
जीडीपी ग्रोथ रेट निगेटिव - वहीं शक्तिकांत दास ने आशंका जताई है कि चालू वित्तीय वर्ष की जीडीपी ग्रोथ रेट निगेटिव रह सकता है। सिडबी को 15000 करोड़ रुपए के इस्तेमाल के लिए 90 दिनों का अतिरिक्त समय मिलेगा। एक्सपोर्ट क्रेडिट समय 12 महीने से बढ़ाकर 15 माह किया जा रहा है।