मैं अयोध्या हूँ...
   Date22-May-2020

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हिन्दुओं की अटूट आस्था एवं विश्वास की नगरी अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण का कार्य जमीन समतलीकरण के साथ शुरू हो चुका है... इसी के साथ अयोध्या का इतिहास कुछ थोथे इतिहासकारों के मुंह पर तमाचा लगाते हुए अपने गौरवशाली धार्मिक, सांस्कृतिक विरासत का प्रमाण प्रस्तुत कर रहा है... समतलीकरण में निकली मूर्तियां और हिन्दू धर्म से जुड़़े प्रतीक 'मैं अयोध्या हूँÓ की गौरवशाली गर्जना है...
रामलला गर्भगृह स्थल से प्राचीन मंदिर के अवशेष मिले
इरफान हबीब व रोमिला से लोगों ने की माफी की मांग
नई दिल्ली द्य 21 मई
अयोध्या में राम जन्मभूमि में विराजमान रामलला के गर्भगृह स्थल पर समतलीकरण के दौरान देवी-देवताओं की मूर्तियों के साथ प्राचीन मंदिर के अवशेष मिले हैं। इससे अयोध्या को लेकर हिन्दूओं के सैंकड़ों वर्षों़ के दावों पर पुन: मुहर लगी है। अब लोगों ने ट्विटर पर इतिहासकर इरफान हबीब और रोमिला थापर पर हल्ला बोलते हुए उन दोनों से माफी की मांग की है, जबकि भाजपा ने कहा कि सच को ज्यादा दिनों तक छिपा नहीं सकते हैं।
ठ्ठ भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि सच को दबा सकते हैं, लेकिन मगर बहुत दिनों तक छिपा नहीं सकते हैं, एक दिन वो जरूर सामने आ जाता है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के लिए हो रहे खुदाई के समय सामने आई दुर्लभ मूर्तियां जय-जय श्रीराम।
ठ्ठ एक ट्विटर यूजर ने लिखा है कि एंटी हिन्दू, एंटी-इंडिया इतिहासकर जैसे इरफान हबीब, रोमिला थापर को इस मुद्दे पर प्रोपगेंडा के तहत झूठ बोलने, सुंदर और विस्तृत इतिहास छिपाने और अयोध्या मामले पर कोर्ट को भटकाने के मुद्दे पर उन्हें जीवनकाल के लिए जेल होना चाहिए। यह और कुछ नहीं, बल्कि विश्वासघात है।
ठ्ठ एक अन्य ट्विटर यूजर अभिषेक सिंह ने लिखा है कि इतिहास ही कुछ इतिहासकारों के मुंह पर तमाचे मार रहे हैं। उसने आगे लिखा है कि रोमिल और इरफान हबीब जैसे कुछ लोग इतिहास नहीं, देश के गद्दार हैं, जबकि अंजलि ने ट्विटर पर भाजपा की तरफ से इस मुद्दे पर सियासत कर फायदा उठाने का आरोप लगाया है। उसने कहा कि भाजपा अब इसी के सहारे अगला चुनाव लड़ेगी। गौरतलब है कि राम जन्मभूमि में विराजमान रामलला के गर्भगृह स्थल पर चल रहे समतलीकरण के दौरान पुरावशेष प्राप्त हो रहे हैं। इनमें देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियों के साथ प्राचीन मंदिर के अवशेष मिले हैं। बीते 11 मई से शुरू हुए समतलीकरण के कार्य को लेकर खबर प्रकाशित की गई थी। नौ दिनों बाद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने समतलीकरण कार्य की जानकारी देते हुए पुरावशेषों को भी सार्वजनिक किया है। चंपत राय ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में पूर्व में हुई खुदाई से प्राप्त पुरावशेषों के अतिरिक्त काफी संख्या में अलग-अलग दिनों में पुरावशेष प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि समतलीकरण के दौरान अब तक मिले पुरावशेषों में देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां, पुष्प, कलश, आमलक व दोरजाम्ब कलाकृतियां हैं। इसके अलावा मेहराब के पत्थर, सात ब्लैक टच स्टोन के स्तम्भ व छह रेड सैंड स्टोन के स्तम्भ के अलावा पांच फीट आकार की नक्काशीयुक्त शिवलिंग की आकृति भी प्राप्त हुई है।