हर घर नल के माध्यम से शुद्ध पानी पहुंचाएंगे
   Date20-May-2020

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भोपाल द्य 19 मई (वा)।
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने आज केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत द्वारा ली गई वीसी में कहा कि राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घर में नल के माध्यम से शुद्ध पानी पहुंचाने के लक्ष्य को पूरा किया जाएगा।
केन्द्र द्वारा लक्ष्य को वर्ष 2024 के स्थान पर वर्ष 2023 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, तद्नुसार योजना का पुनर्निर्धारण कर मिशन मोड में कार्य किया जाएगा। मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्य सचिव इकबालसिंह बैंस, प्रमुख सचिव मलय श्रीवास्तव तथा अन्य संबंधित उपस्थित थे।
केन्द्र सरकार देगी 1280 करोड़ रुपए - वीसी में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत ने बताया कि जल-जीवन मिशन के अंतर्गत अब वर्ष 2023 तक निर्धारित लक्ष्यों को पूरा किया जाना है। इस वर्ष केन्द्र सरकार मिशन के क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश को 1280 करोड़ रुपए का बजट देगी। इतनी ही राशि राज्य सरकार मिलाएगी। इसके साथ इस बार मध्यप्रदेश को लगभग 6500 करोड़ रुपए मनरेगा के अंतर्गत प्रदाय किए जाएंगे। मनरेगा में 65 प्रतिशत राशि जल संबंधी कार्यों के लिए खर्च की जानी है, अत: इसमें से भी कुछ राशि का उपयोग जल जीवन मिशन के लिए किया जा सकता है।
103 लाख परिवारों को नल के माध्यम से पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य - मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश में घर पर नल के माध्यम से जल प्रदाय से शेष लगभग 85 प्रतिशत (103.67 लाख) परिवारों को एफएचटीसी (फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन) के माध्यम से वर्ष 2023-24 तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है।
गत 9 माह में अपेक्षित प्रगति नहीं - मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2012 में जल निगम का गठन किया गया था, जिसके द्वारा समूह जल प्रदाय योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जल जीवन मिशन शुरू किए जाने के बाद लगभग 9 माह व्यतीत हो गए हैं, परंतु प्रदेश में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है।
कार्य को गति देने के लिए प्रदेश में राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन बनाया जाकर उसके अंतर्गत अपेक्स समिति एवं एग्जीक्यूटिव समितियों का गठन कर लिया गया है।
लेन-देन के लिए सिंगल नोडल एकाउंट
मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत सरकार के दिशा-निर्देश अनुरूप मिशन के लेन-देन के लिए सिंगल नोडल एकाउंट खोले जाने की अनुमति प्रदान कर दी गई है। साथ ही मिशन के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक संस्थाओं के एम्पैनलमेंट की कार्रवाई भी शुरू हो गई है। पूर्व से स्थापित तथा वर्तमान में प्रचलित योजनाओं के रेट्रोफिटिंग का कार्य तुरंत प्रारंभ किया जाएगा।
जहां भू-जल स्त्रोत नहीं हैं, वहां भी कनेक्शन
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में जिन क्षेत्रों में भू-जल की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है, वहां सतही स्त्रोत आधारित समूह जल प्रदाय योजनाओं की डीपीआर तैयार कर ली गई है। इन कार्यों को जल जीवन मिशन के अंतर्गत कराया जाएगा।
जल प्रयोगशालाओं का एन.ए.बी.एल. प्रमाणीकरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि नल-जल योजनाओं के माध्यम से अच्छी गुणवत्ता का पेयजल गांव में मिल सके, इसके लिए जिलों की जल प्रयोगशालाओं का चरणबद्ध तरीके से एन.ए.बी.एल. प्रमाणीकरण करवाया जाएगा।