मामा के रूप में मध्यप्रदेश में ही नहींं, देश में भी ख्यात हैं शिवराज
   Date24-Mar-2020

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भोपाल द्य मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में आज रात चौथी बार शपथ लेने वाले शिवराजसिंह चौहान की ख्याति राज्य ही नहीं, पूरे देश में मामा के रूप में है और वे राज्य में सबसे अधिक समय तक (तेरह वर्ष से अधिक) मुख्यमंत्री पद को सुशोभित कर चुके हैं।
जीवन के 61 वसंत देख चुके श्री चौहान का जन्म सीहोर जिले के जैत गांव में साधारण किसान परिवार में पांच मार्च 1959 को हुआ। अपने पिता प्रेमसिंह चौहान और माता सुंदरबाई चौहान के लाड़ले श्री चौहान की अधिकांश शिक्षा भोपाल में पूरी हुई और वे दर्शनशास्त्र में स्वर्ण पदक के साथ स्नातकोत्तर तक शिक्षित हैं। पांच मई 1992 को विवाह बंधन में बंधने वाले श्री चौहान की पत्नी का नाम साधना सिंह हैं और उनके दो पुत्र कार्तिकेय और कुणाल हैं। छात्र जीवन से ही राजनीति में आ चुके श्री चौहान ने लगभग चार दशक के दौरान विधानसभा से लेकर संसद तक का सफर तय किया। तत्कालीन राजनैतिक हालातों के बीच श्री चौहान 29 नवंबर 2005 को पहली बार मुख्यमंत्री पद पर काबिज हुए थे। उस समय श्री बाबूलाल गौर के पद छोडऩे के कारण उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया था। श्री चौहान ने नवंबर दिसंबर 2008 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को ऐतिहासिक बहुमत दिलाया और 12 दिसंबर 2008 को उन्होंने फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की।
श्री चौहान ने इस कार्यकाल में अनेक नवाचार करते हुए कदम उठाए और विरोधियों के आक्रामक तेवरों के बावजूद दिसंबर 2013 में संपन्न विधानसभा चुनाव में उन्होंने फिर से भाजपा को ऐतिहासिक बहुमत दिलाया है। श्री चौहान ने 14 दिसंबर को तीसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। अगले पांच वर्ष तक कार्य करने के बाद नवंबर दिसंबर 2018 में संपन्न विधानसभा चुनाव में भाजपा बहुमत के आकड़े 116 से सात सीट पीछे रह गयी और उसे कुल 109 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। सबसे बड़े दल (114 सीट) के रूप में कांग्रेस उभरी और इसके चलते श्री चौहान को मुख्यमंत्री पद छोडऩा पड़ा। श्री चौहान श्री कमलनाथ के शपथ लेने की तिथि 17 दिसंबर से एक दिन पहले यानी 16 दिसंबर तक मुख्यमंत्री रहे।