राष्ट्रधर्म निर्वाह की बारी...
   Date22-Mar-2020

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विशेष टिप्पणी
शक्तिसिंह परमार
भारत का गौरवशाली इतिहास संकल्प-संयम, जागरूकता और सामाजिक-सांगठनिक एकजुटता का परिचायक रहा है...इतिहास में ऐसे अनेक अवसर आए, जब हम भारतीयों ने हर तरह के संकटों से लडऩे का न केवल शौर्य-साहस, जज्बा एवं संगठित जागरूकता दिखाई..,बल्कि विश्व को भी इसके लिए तैयार करने में महती भूमिका का निर्वाह किया है...आज पूरा विश्व महामारी का रूप ले चुके नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) के शिकंजे में फंसकर त्राहि-त्राहि कर रहा है...भारत में यह फिलहाल प्राथमिक स्तर पर ही अपनी उपस्थिति दिखा रहा है.., लेकिन यह वह अवसर है, जब हम संकल्प-संयम और जागरूकता के जरिए चीन, इटली, अमेरिका जैसे 'परम विकसितÓ देशों में हजारों जिंदगियां निगल चुके इस कोरोना वायरसरूपी 'राक्षसÓ को करारा जवाब देने को तैयार रहें...क्योंकि समाज की जागरूकता एवं इस वायरस सेलडऩे की प्रतिबद्धता ही भारत को इस महामारी के प्राथमिक चंगुल से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करेगी...क्योंकि भांति-भांति के शोध के अनुसार कोरोना की महामारी किसी भी विश्वयुद्ध या कई प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं-प्रकोपों से ज्यादा जिंदगियां निगलने के संकेत कर रही है...इसलिए इससे बचने का उपाय सिर्फ जागरूकता है...क्योंकि यह बीमारी साल दो साल भी खिंच सकती है...यह अभी प्रसार की स्थिति में है..,जागरूकता के जरिए इसका फन उसी प्राथमिक स्थिति में कुचलना भारतीयों के लिए सहज-सरल और असंख्य मानवों के जीवन रक्षा का आधार बन सकता है...क्योंकि चीन जैसे देश से उपजा या निकला यह घातक कोरोना वायरस भले ही अब वहां अपनी गतिविधियों को थामता नजर आ रहा हो..,लेकिन यह इस बात की गारंटी नहीं है कि वह चीन में दोबारा आक्रमणकारी नहीं बनेगा...महामारियों का इतिहास कहता है कि वह जा-जाकर लौटती हैं...लेकिन जो समाज, देश इसके खिलाफ जागरूकता के साथ युद्ध का शंखनाद करेगा..,उसके आगे यह घुटने हर हाल में टेकेगी...हमें बढ़ते तापमान में यह रोग खत्म करना होगा..,इस बात के इंतजार में इसे प्रसार का मौका नहीं देना है...वरना यह आतंकवादियों की भांति घुसपैठ करके अपने घर भारत में स्थायी निवास बना लेने जैसा साबित होगा...तभी तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी सारी तैयारियों एवं व्यवस्थाओं को सजग करते हुए इस कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ खड़ा कर दिया है...लेकिन भारत इस रोग से त्वरित गति से कैसे मुक्त हो..?उनके इस लक्ष्य को जनता-जनार्दन का रविवार 22 मार्च से प्रारंभ होगा 'जनता कफ्र्यूÓ साकार करेगा...बस जरूरत है आज देश का प्रत्येक नागरिक अपने घर में रहें...बाहर घूम रहे घातक आतंकी कोरोना वायरस की मौत की पटकथा लिखने में सहभागी बनें...प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को अगर आज हम इस महामारी से लडऩे के लिए तन-मन से स्वीकार करके आगे बढ़ाने में सफल हुए तो सच मानिए आगामी एक-दो हफ्ते में हम इस महामारी से मुक्ति का मार्ग खोलने में सफल हो जाएंगे...बस जरूरत है 'जनता कफ्र्यूÓ के रूप में कोरोना वायरस के खिलाफ घोषित इस युद्ध में प्रत्येक नागरिक अपने राष्ट्रधर्म का शत-प्रतिशत निर्वाह करें...वायरस से स्वयं को संक्रमित होने से दूर रखें, दूसरों को संक्रमित होने से बचाएं, घर में रहें.., यही राष्ट्रधर्म है... हम सब इसके लिए तैयार हैं..