खादी एवं ग्रामोद्योग में होगा आमूलचूल बदलाव-गडकरी
   Date20-Mar-2020

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नई दिल्ली ठ्ठ 19 मार्च (वा)
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा कि छोटे उद्योगों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले खादी एवं ग्रामोद्योग में आमूलचूल बदलाव किया जाएगा जिससे छोटे कारोबारियों के उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय एवं घरेलू बाजार में स्थापित करने में मदद मिलेगी।
श्री गडकरी ने सदन में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय के क्रियाकलाप पर लगभग पांच घंटे तक चली चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि खादी और ग्रामाद्योग में आमूलचूल बदला के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए एमएसएमई सचिव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एक समिति का गठन किया जाएगा जो तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट की सिफारिशों के अनुरूप आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि एमएसएमई की स्थिति के बारे में गठित की गई यूके सिन्हा समिति समिति की अधिकतर सिफारिशें स्वीकार कर ली गई है और इन्हें लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई को सस्ती दरों पर पूंजी उपलब्ध कराने के प्रयास चल रहे हैं और इसके लिए विश्व बैंक एवं एशियाई विकास बैंक के साथ समझौते किए गए हैं। इसके बाद इन उद्योगों को छह प्रतिशत से सात प्रतिशत की ब्याज दर से ऋ ण उपलब्ध कराया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि शेयर बाजार में उतरने वाले एमएसएमई को 25 प्रतिशत पूंजी सरकार उपलब्ध कराएगी।
एमएसएमई के लिए बजटीय आवंटन घटाने के आरोपों को खारिज करते हुए श्री गडकरी ने कहा कि क्रेडिट गारंटी योजना 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि कई योजनाओं का विस्तार किया गया है और कई पुरानी योजनाओं का विलय कर दिया गया है। उन्होंने एमएसएमई के लिए सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि 115 आकांक्षी जिलों तथा आदिवासी इलाकों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए छोटे कारोबारियों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इन इलाकों में एमएसएमई संकुल बनाए जा रहे हैं। केवल 500 छोटे कारोबारी मिलकर एक उद्योग संकुल स्थापित कर सकते हैं। इसमें सरकार पांच करोड़ रुपए की सब्सिडी देगी। देश में अभी में 35 संकुल बनाए जा चुके हैं और इस वर्ष के अंत तक 271 संकुल शुरू हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि एमएसएमई उद्योग चरखे से लेकर चंदयान तक योगदान देते हैं। इनको बढ़ावा देने के लिए सरकार ने युवाओं, महिलाओं और आदिवासियों के लिए विशेष योजनाएं बनाई हैं। अगले पांच साल में 10 लाख महिलाओं को सौर चरखे उपलब्ध कराएं जाएंगे। प्रत्येक महिला को 18 हजार रुपए प्रति माह तक आमदनी हो सकेगी।