प्रधानमंत्री की उग्रवादियों सेमुख्यधारा में आने की अपील
   Date08-Feb-2020

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गुवाहाटी द्य 7 फरवरी (वा)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यहां कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में बोडो समझौता शांति और विकास की नई इबादत लिखेगा और उन्होंने इसके साथ ही देश के सभी उग्रवादी और नक्सली समूहों से हिंसा का मार्ग छोड़ देश की मुख्यधारा में आने की अपील की।
सरकार और बोडो संगठनों के बीच हुए तीसरे समझौते को लेकर जश्न मनाने उमड़े भारी जनसैलाब को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा- मैं बंदूक की शक्ति में विश्वास करने वाले उन सभी लोगों से बोडो युवाओं से सीखने की अपील करता हूं कि वे हिंसा का मार्ग के छोड़कर देश की मुख्यधारा में आएं और जीवन का आनंद उठाएं। श्री मोदी ने कहा- आज असम सहित पूरे पूर्वोत्तर के लिए 21वीं सदी में एक नई शुरुआत, एक नई सुबह, एक नई प्रेरणा का स्वागत करने का दिन है। श्री मोदी ने कहा- बोडो समझौते के तहत, बीटीएडी के भीतर आने वाले क्षेत्र की सीमा को ठीक करने के लिए एक आयोग का भी गठन किया जाएगा। इस क्षेत्र को 1,500 करोड़ रुपए का विशेष विकास पैकेज मिलेगा, जिससे कोकराझार, चिरांग, बक्सा और उदलगुरी जैसे जिलों को काफी फायदा पहुंचेगा।
श्री मोदी की यह असम यात्रा बोडो समझौते के बाद हुई है। यह तीसरा मौका है, जब इस तरह की कोई समझौता हुआ है। इससे पहले दो समझौते 1993 और 2003 में हुए थे। तीसरा समझौता 27 जनवरी को नई दिल्ली में नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) के सभी
चार गुटों के नेताओं के साथ किया गया था। ये चारों गुट पहले एक अलग बोडोलैंड राज्य की मांग कर रहे थे। समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद 30 जनवरी को गुवाहाटी में आयोजित एक समारोह के दौरान एनडीएफबी के 1615 सदस्यों ने एके सीरीज़ राइफल, एम 16 राइफल, 4803 राउंड गोला-बारूद, 14 ग्रेनेड, एक 2 इंच मोर्टार सहित 178 हथियारों को सुरक्षा बलों को सौंप दिया था। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए कहा कि लोग उन्हें डंडे से मारने की बात करते हैं, लेकिन उन्हें माताओं और बहनों का आशीर्वाद प्राप्त है, जो उनकी रक्षा करता है। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का विरोध शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री की यह पहली असम यात्रा है। श्री मोदी ने सीएए के मुद्दे पर कहा- मैं असम के लोगों को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि सीएए से कोई बाहरी व्यक्ति देश में नहीं आएगा, इस कानून को लेकर बहुत-सी भ्रांतियां कई ऐसे लोगों द्वारा फैलाई जा रही हैं।