नागरिक कर्तव्य
   Date06-Feb-2020

prernadeep_1  H
प्रेरणादीप
ग हन अंधकारपूर्ण रात्रि के भयावह वातावरण में आंधी-पानी जोरों से गिर रहा था। इसी समय अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति ट्रूमेन की नींद अचानक खुल गई। बादल की गडग़ड़ाहट और आंधी-तूफान की सांय-सांय होती आवाज से बाहर की स्थिति को समझने में उन्हें देर न लगी। उन्हें चिंता हुई कि व्हाइट हाउस की खिड़कियां और दरवाजे यदि खुले रह गए होंगे तो उसके अंदर पानी अवश्य भर गया होगा। उन्होंने तत्काल अपना बिस्तर छोड़ दिया और जो खिड़की या दरवाजा खुला मिलता। उसे तुरंत बंद कर देते। फिर भी खिड़कियों से पानी अंदर आ ही गया था। उन्होंने सफाई करना शुरू कर दिया। आहट पाकर नौकर उठा तो राष्ट्रपति को सफाई में जुटा देखकर बड़ा लज्जित हुआ। उसने अन्य नौकरों को जगाया। सब झाड़ू लेकर सफाई के लिए दौड़ पड़े। ट्रूमेन से उन्होंने अपनी लापरवाही के लिए क्षमा माँगी। इधर सारे नौकर काम में चिपट गए तो थोड़ी देर में सारा पानी साफ कर भीगे फर्स को सुखा दिया गया। कार्य की समाप्ति पर राष्ट्रपति ने उन्हें धन्यवाद देते हुए कहा - राष्ट्रीय सम्पत्ति की सुरक्षा करना देश के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है, जिसे ईमानदारी से पूर्ण करना ही चाहिए। आप लोग बार-बार यह बताने की कोशिश क्यों करते हैं कि कमरों की सफाई का काम राष्ट्रपति को नहीं करना चाहिए। कार्य करना देश के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।