'सर्जिकल स्ट्राइकÓ के सबूत मांगने वालों को दिल्ली की जनता नकारेगी
   Date05-Feb-2020

vf1_1  H x W: 0
नई दिल्ली द्य 4 फरवरी (वा)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने केन्द्र की आयुष्मान भारत योजना लागू नहीं होने दिया और अगर दिल्ली का कोई निवासी बाहर जाकर बीमार पड़ जाए तो क्या मोहल्ला क्लीनिक उसके साथ जाएगा। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर जोरदार हमला करते हुए श्री मोदी ने कहा कि वह 29 सितंबर 2016 को की गई 'सर्जिकल स्ट्राइकÓ के सबूत मांगते थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली में ऐसी सरकार होनी चाहिए जो जब समय आए तब वह हमारे बहादुर जवानों के साथ खड़ी हो। दिल्ली को ऐसा राजनीतिक नेतृत्व नहीं चाहिए जो आतंकवादी हमलों के समय अपने बयानों से भारतीय पक्ष को कमजोर करे। श्री मोदी ने राजधानी के द्वारका क्षेत्र में एक चुुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा अगर दिल्ली सरकार ने आयुष्मान भारत योजना को लागू कर दिया होता तो दिल्ली का कोई भी नागरिक इसका फायदा ले रहा होता। गौरतलब है कि आयुष्मान भारत योजना को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भी कहा जाता है और इसका मकसद आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यह योजना प्रति परिवार प्रति परिवार पांच लाख रुपए का कवर देती है ताकि आर्थिक तौर पर कमजोर लोग स्वास्थ्य सेवाओं तक आसानी से पहुंच बना सके।
श्री मोदी ने कहा कि दिल्ली में हो रहे विधानसभा चुनाव इस दशक के पहले चुनाव हैं और आज आप लोग जो निर्णय लेंगे उसी पर भारत की प्रगति निर्भर करेगी। श्री मोदी ने कहा कि दिल्ली में एक ऐसी सरकार चाहिए जो निर्देश दे सके न कि हर चीज के लिए दूसरों पर ही दोषारोपण करती रहे। दिल्ली को घृणा की राजनीति से मुक्ति चाहिए। प्रधानमंत्री ने दिल्ली सरकार पर केन्द्र की योजनाओं को राजधानी में लागू न करने का आरोप लगाया और कहा दिल्ली के किसानों की क्या गलती है जिन्हें प्रधानमंत्री किसान योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उनके खातों में धन सीधे हस्तांतरित नहीं हो पा रहा है। दिल्ली में रोजाना यात्रा करने वालों की क्या गलती है, जो दो वर्षों तक मेट्रो के चौथे चरण के विस्तार की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में दिल्ली के लोगों ने भारतीय जनता पार्टी की झोली में यहां की सभी सातों सीटें डाली थीं। उन्होंने कहा दिल्ली के लोगों ने लोकसभा चुनावों में भाजपा में विश्वास व्यक्त किया था। इसी भरोसे के कारण दिल्ली के लोग आज कह रहे हैं, देश बदल गया है अब दिल्ली बदलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा देश की राजधानी दिल्ली का विकास 21 वीं सदी की आकांक्षाओं और अभिलाषाओं के अनुरूप होना चाहिए। यह पूरे देश और दिल्ली के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है और यह तभी संभव है जब घृणा की राजनीति बंद की जाए।