ट्रंप का चीन पर वार, तिब्बतियों को आजादी देने वाले कानून पर हस्ताक्षर
   Date29-Dec-2020

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नई दिल्ली द्य 28 दिसम्बर
चीन और अमेरिका के बीच जारी तनातनी और बीजिंग की ओर से मिल रही चेतावनियों को दरकिनार करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उस कानून पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जो तिब्बतियों को उनके धर्मगुरु दलाई लामा के अगले उत्तराधिकारी को चुनने का हक देता है। दि तिब्बत पॉलिसी एंड सपोर्ट एक्ट को अमेरिकी कांग्रेस ने पिछले हफ्ते ही पास किया था, जिससे चीन बुरी तरह चिढ़ गया और उसके विदेश मंत्रालय ने इस कानून को चीन के आंतरिक मामलों में दखलअंदाजी की कोशिश बताया था।चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने बीते हफ्ते इस विधेयक के पारित होने के बाद कहा था- हम अमेरिका से आग्रह करते हैं कि वह चीन के अंदरूनी मामलों में दखल न दे और इन नाकारात्मक कानूनों पर हस्ताक्षर करने से बचे। ऐसा न हो कि यह भविष्य में द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंचाए।सोमवार को नए कानून बनने की खबरों के बाद चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि बीजिंग अमेरिका के इस कानून को स्वीकार नहीं करता और तिब्बत से जुड़े मुद्दे हमारे घरेलू मामले हैं।अमेरिका के कानून में तिब्बत के शहब ल्हासा में अमेरिकी दूतावास खोलने की मांग की गई है। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि तिब्बतियों को 14वें दलाई लामा का उत्तराधिकारी चुनने का पूरा अधिकार है। वहीं, दलाई लामा को अलगाववादी, खतरनाक बताने वाला चीन कहता है कि तिब्बत के धर्मगुरु के चुनाव में बीजिंग की स्वीकृति लेना जरूरी है।
ालांकि, तिब्बत चीन के इस दावे को नहीं मानता।