माफियाओं को चेताया- राज्य छोड़ दो वरना 10 फीट नीचे जमीन में गाड़ दूंगा
   Date26-Dec-2020

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भोपाल द्य 25 दिसम्बर (वा)
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने शुक्रवार को होशंगाबाद जिले के बाबई विकासखंड में आयोजित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि कार्यक्रम के मंच से राज्य के असामाजिक तत्वों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि गुंडे-माफिया राज्य छोड़ देना, वरना 10 फीट नीचे जमीन में गाड़ दूंगा। मामा आजकल फॉर्म में हैं। मैं गड़बड़ करने वालों को छोड़ूंगा नहीं। अपने संबोधन में शिवराज ने कहा- आजकल अपन खतरनाक मूड में हैं। गड़बड़ करने वालों को छोड़ेंगे नहीं। आजकल मामा फार्म में हैं। एक तरफ माफियाओं के खिलाफ अभियान चल रहा है। मसल पावर का, रसूख का इस्तेमाल करके कहीं अवैध कब्जा कर लिया, कहीं भवन तान दिए, कहीं ड्रग माफिया। सुन लो रे मध्यप्रदेश छोड़ देना नहीं तो जमीन में गाड़ दूंगा 10 फीट। पता नहीं चलेगा कहीं भी किसी को। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि जिन्हें खेती का जरा भी ज्ञान नहीं, वो खेती की बात करते हैं। कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग किसानों के हित में है। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनके कर्ज की गठरी को सरकार उठाएगी।शिवराज बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आज जो पैसा दिल्ली से चलता है, वह सीधे किसानों के खातों में पहुंचता है। इससे बड़ा सुशासन क्या होगा? स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने सुशासन को जीवन का हिस्सा बनाया और उन्हीं की परिकल्पना के अनुरूप आज देश में सुशासन लागू हो रहा है।
महान देशभक्त महामना पं. मदन मोहन मालवीय एवं राष्ट्र निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर मैं उन्हें सादर नमन करता हूं।
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने होशंगाबाद जिले के बाबई से किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारीजी की परिकल्पना के अनुरूप प्रदेश में सुशासन लागू किया जा रहा है। प्रदेश में कानून का राज रहेगा, गुंडे-बदमाशों का नहीं। सुशासन की परिभाषा बताते हुए श्री चौहान ने कहा कि सुशासन अर्थात बिना लिए-दिए निश्चित समय सीमा में सरकार द्वारा दी गई सेवाओं का लाभ जनता को मिल जाए।
गहन अध्ययन कर बनाए गए कृषि कानून
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि कृषि कानून किसानों की समस्याओं और उनके हितों के दृष्टिगत गहन अध्ययन कर लागू किए गए हैं। पहले छोटे किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी होती थी। नए कानून में उन्हें कई विकल्प दिए गए हैं, जिनके माध्यम से वे अपनी फसलों को अच्छे दाम पर बेच सकते हैं।
लागत की डेढ़ गुना एम.एस.पी.
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट अनुसार किसानों की फसल की लागत का डेढ़ गुना एम.एस.पी. निर्धारित की तथा अधिक फसलों को इसके दायरे में लाया गया।
21वीं सदी में कृषि को आधुनिक बनाना ही होगा
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि कृषि से किसानों की आय में वृद्धि के लिए 21वीं सदी में कृषि को आधुनिक बनाना ही होगा। ये तीनों कृषि सुधार कानून इसी दिशा में उठाया गया कदम है। सरकार किसानों को गांव के पास ही भंडारण सुविधा उपलब्ध कराएगी तथा कोल्ड स्टोर चैन का विस्तार किया जाएगा।
अब कोई किसान को ठग नहीं सकता
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि नए कृषि अनुबंध कानून के अंतर्गत अब व्यापारी/अनुबंधकर्ता किसान को फसल का तय मूल्य देने के लिए कानूनन बाध्य है। अब कोई किसान को ठग नहीं सकता। अनुबंध करने पर अनुबंधकर्ता किसान को गुणवत्तापूर्ण फसल पैदा करने में सहायता भी करेगा। किसान की फसल बर्बाद होने पर भी अनुबंधकर्ता को फसल का निर्धारित मूल्य देना ही होगा। किसान जब चाहे अनुबंध समाप्त कर सकता है, परन्तु व्यापारी नहीं।