खान-पान का कारोबार...
   Date07-Nov-2020

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विशेष टिप्पणी
शक्तिसिंह परमार
लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की नगरी इंदौर की पहचान वैश्विक होने के पीछे मुख्य आधार इस शहर की वह प्रवृत्ति है..,जो सदैव कुछ नया करने.., समय के साथ बदलाव को अपनाने और उन्हें परिष्कृत करते हुए आगे बढऩे की प्रेरणा देता है...कभी इंदौर को प्रदेश की औद्योगिक राजधानी कपड़ा मिलों के नाम से जाना जाता था...क्योंकि यहां का कपड़ा विदेशों तक में निर्यात होता था...समय के साथ यह उद्योग नगरी आर्थिक-शैक्षणिक राजधानी के रूप में भी विख्यात हुई...आज शिक्षा, उद्योग, कार्पोरेट, फॉर्मास्युटिकल, आईटी, निर्माण-अधोसंरचना जैसे मूलभूत बिंदुओं पर इंदौर की अलग पहचान है...उद्योग-निर्माण और निर्यात के बीच इंदौर की परंपरागत आवभगत यानी खान-पान की स्वाद शैली व प्रयोगधर्मी तरीके से हर किसी को बरबस अपनी तरफ आकर्षित कर लेती है...कभी इंदौर की खान-पान शैली उसकी पहचान थी..,या कहें परंपरा अथवा संस्कार माना जाता था...जिसमें अतिथियों, आगंतुकों को छप्पन व्यंजन परोसकर स्वागत करना भर था...लेकिन आज नमकीन-मिष्ठान्न, चाट-चौपाटी एवं स्वादिष्ट व्यंजनों की विविधतापूर्ण श्रंृखला एक ऐसे कारोबार का रूप ले चुकी है, जिसने इंदौर नगरी को 'नमकीन शहरÓ और मिश्री-सी मिठास वाले स्वभाव के रूप में वैश्विक प्रसिद्धि दिलाई...आज इंदौर के सैकड़ों स्वाद वाले सेंव-नमकीन और इतनी ही विविधता वाले मिष्ठान्न वैश्विक धूम मचा रहे हैं...विदेश आते-जाते वक्त इन मिठाइयों, नमकीन को ले जाना-भेजना कोई नहीं भूलता...क्योंकि इंदौरी स्वाद जो हर किसी की जुबान पर चढ़ चुका है...इसलिए दिल्ली, मुंबई वाले ही नहीं, विदेशों में बसे लोग भी मेलजोल में जब इंदौर का नाम आता है तो बरबस कह उठते हैं- 'आपके इंदौर के नमकीन, मिठाइयों का कोई तोड़ नहीं...Ó इंदौर में सेंव के 35-40 विविधतापूर्ण ब्रांड हैं...तो मिक्चर सहित 300 से अधिक उत्पाद, इतने ही प्रकार की मिठाइयां पेड़े और लड्डू की श्रंृखला है...इन स्वादिष्ट नमकीन-मिठाई को उपलब्ध कराने वाले प्रतिष्ठानों ने भी शहर में 'सेवाओं का शतकÓ पूरा कर लिया है...खान-पान के कारोबार से अपनी सेवाओं को वृहद विस्तार भी दिया...इंदौर से बाहर भी इंदौरी स्वाद की महक तेजी से फैल रही है...विचार कीजिए, जिस इंदौर शहर में प्रतिदिन करीब 22 करोड़ का नमकीन बिकता हो...40 क्विंटल प्रतिदिन मावा खपता होता हो...150 टन नमकीन का उत्पादन होता हो और क्विंटलों में मिठाई की बिक्री होती हो...यह सबकुछ किसी नगर, शहर की खान-पान शैली का कारोबारी महत्व दर्शाने के लिए पर्याप्त नहीं है..? फिर इससे जुड़े रोजगार को भी ध्यान में रखना होगा...स्वदेश ने इस बार इंदौर के नमकीन और मिठाई कारोबार पर विशेष पृष्ठों का संयोजन किया है...जो स्वदेश के सुधी पाठकों को कारोबारी जानकारियों के साथ नमकीन-मिठास की अनुभूति भी कराएगा... -श्चड्डह्म्द्वड्डह्म्ह्यद्धड्डद्मह्लद्ब८०ञ्चद्दद्वड्डद्बद्य.ष्शद्व