हर व्यक्ति को टीका उपलब्ध कराना प्राथमिकता
   Date25-Nov-2020

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प्रधानमंत्री की कोरोना प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा, मिलकर काम करने का आह्वान
नई दिल्ली ठ्ठ 24 नवंबर (वा)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को आठ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री के साथ वर्चुअल बैठक की और कोविड-19 संक्रमण के कारण उत्पन्न हालात पर चर्चा की। कोविड-19 संक्रमण से स्वस्थ होने वालों व इसके कारण होने वाली मौत के आंकड़ों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संक्रमण के आने वाले नए मामलों की दर को कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पॉजिटिविटी रेट को पांच फीसद से कम करने की जरूरत है। प्रधानमंत्री कहा कि देश में अब लोग अपनी बीमारी को छिपा रहे हैं। केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना होगा। भारत में फिर से कोरोना बढ़ सकता है। वैक्सीन कब आएगी और इसके कितने डोज होंगे, इसका फैसला वैज्ञानिक करेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में शुरू से ही एक-एक जिंदगी को बचाना हमारी प्राथमिकता रही है। अब हमारी प्राथमिकता होगी कि हर किसी को वैक्सीन उपलब्ध हो। कोरोना की वैक्सीन से जुड़ा भारत का अभियान अपने हर नागरिक के लिए एक नेशनल कमिटमेंट है।
देश को मुहैया कराएंगे बेहतर वैक्सीन- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर बड़ा बयान दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैक्सीन कब आएगी, इसका वक्त हम तय नहीं कर सकते हैं, बल्कि ये वैज्ञानिकों के हाथ में है, लेकिन उन्होंने कहा कि हम देश को बेहतर वैक्सीन मुहैया कराएंगे।
एक फीसद से कम हो मृत्यु दर- उन्होंने कहा कि देश में कोविड-19 के लिए काफी बेहतर प्रबंधन का इंतजाम है। इस क्रम में आगे की रणनीति के तहत पॉजिटिविटी रेट और मृत्यु दर में कमी लाने की जरूरत है। इसके तहत आने वाले नए मामलों की दर 5 फीसद से कम और मृत्यु दर 1 फीसद से कम करने पर काम करने की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कोविड-19 स्थिति को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ एक वर्चुअल बैठक की। बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी शामिल हुए।
वैक्सीन के वितरण के लिए ब्लॉक स्तर पर टीम का गठन - उन्होंने आगे कहा कि मैं चाहता हूं कि ब्लॉक स्तर पर टीम का गठन हो, जो वैक्सीन की ट्रेनिंग और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए काम करे। वैक्सीन की कीमत, खुराक और आने की तिथि वैज्ञानिक तय करेंगे। हालांकि भारत से जुड़ी दो वैक्सीन रेस में आगे चल रही हैं। हम ग्लोबल फम्र्स के साथ भी काम कर रहे हैं। कई साल तक दवाई मौजूद रहने के बाद भी लोगों को पर इसका विपरीत प्रभाव होता है, इसलिए वैज्ञानिक ही इस संबंध में फैसला लेंगे।
देश में टेस्टिंग से लेकर ट्रीटमेंट का एक बहुत बड़ा नेटवर्क- प्रधानमंत्री ने कहा कि आज मृत्यु दर और संक्रमण से स्वस्थ होने की दर में भारत दूसरे देशों के मुकाबले बहुत संभली हुई स्थिति में हैं। हम सभी के अथक प्रयासों से देश में टेस्टिंग से लेकर ट्रीटमेंट का एक बहुत बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। पीएम केयर्स फंड की ओर से ऑक्सीजन और वेंटीलेटर उपलब्ध करवाने पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने महामारी कोविड-19 के लिए विकसित किए जा रहे वैक्सीन को लेकर देश में की जा रही राजनीति पर चिंता जताई और कहा कि वे इसे नहीं रोक सकते।