मुख्यमंत्री ने जाने जनता के हाल
   Date24-Nov-2020

se4_1  H x W: 0
भोपाल ठ्ठ 23 नवंबर (वा)
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान सोमवार को भोपाल शहर के निरीक्षण पर थे। भोपाल के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट कोहेफिजा में निरीक्षण वे कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। कलेक्ट्रेट में लोगों से बातचीत की और पूछा कि वे किस काम से यहां आए हैं और कोई दिक्कत तो नहीं हो रही है। कलेक्ट्रेट में लोगों का हालचाल जाना। उनसे कोरोना से बचने और मास्क पहनने और सामाजिक दूरी की बात कही, साथ ही अधिकारियों से बातचीत भी की। उन्होंने रायसेन रोड के बाद कोकता ट्रांसपोर्ट नगर का जायजा लिया। मुख्यमंत्री के सेक्रेटी एम.
शैलवेंद्रम भी उनके साथ रहे। लोक सेवा केंद्र में जो आवेदक आ रहे हैं, उनसे भी मुख्यमंत्री ने बातचीत ने की। जनता दरबार में मुख्यमंत्री तुरंत संबंधित अधिकारियों को उस व्यक्ति की समस्या हल करने का निर्देश भी दिए। कोरोना पीरियड में भी इसी तरह जनता का हाल जानने शिवराजसिंह चौहान घूमे थे। उन्होंने शहर के अलग-अलग इलाकों में घूमकर लोगों से बातचीत कर उनकी समस्या जानी थी और उसके निदान के आदेश संबंधित अधिकारियों को दिए थे। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने लोक सेवा केंद्र पहुंचकर चार लोगों से बात की, जिन्होंने लोक सेवा के तहत आवेदन किए थे। मुख्यमंत्री का कहना है कि सभी ने यहां के काम से संतुष्टि जताई है। किसी को कोई समस्या नहीं है। आवेदन करने के उसी दिन उनको जानकारी मिल जाती है। आवेदन की प्रति के लिए 5 रुपए लिया जाते हैं। यह मुझे ज्यादा लगा है, इसलिए मैंने कलेक्टर से कहा है कि प्रति पर जितना खर्च आता है, उस हिसाब से 1 रुपए या 50 पैसे किया जाना चाहिए। कलेक्टर इस संबंध में जल्द ही कोई निर्णय लेंगे।
लापरवाही मिली तो होगा एक्शन- मुख्यमंत्री भोपाल के निरीक्षण पर निकले हैं, इस दौरान यदि खामियां और लापरवाही मिली तो एक्शन होगा। मुख्यमंत्री निरीक्षण के बाद इस संबंध में निर्देश जारी कर सकते हैं। मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री पहले किसी अन्य जिले में छापामार कार्रवाई करने वाले थे, लेकिन बाद में उन्होंने अपना कार्यक्रम बदलते हुए सबसे पहले राजधानी में ही निरीक्षण करना तय किया।
15 दिसंबर तक बन जाए सीवरेट ट्रीटमेंट प्लांट- मुख्यमंत्री चौहान ने सीवरेट ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करने के बाद कहा कि इसका निर्माण पूरा करने की डेडलाइन 15 दिसंबर दी गई है और इसी दिन मैं इसका उद्घाटन करने आऊंगा। इस प्लांट के शुरू होने के बाद बड़े तालाब में गंदा पानी नहीं मिलेगा और यहां से निकलने वाली गाद से खाद बनाई जाएगी। ऐसे कुल पांच ट्रीटमेंट प्लांट बन रहे हैं। सबकी डेडलाइन 15 दिसंबर दी गई है।