देश में हालात बदतर हो सकते हैं, गुजरात के हाल तो दिल्ली और महाराष्ट्र से भी बुरे
   Date24-Nov-2020

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कोरोना के बढ़ते मामले पर सुप्रीम कोर्ट सख्त : दिल्ली, महाराष्ट्र, असम और गुजरात सरकार को फटकारा
नई दिल्ली ठ्ठ 23 नवंबर (वा)
दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात और असम में कोरोना से बिगड़ते हालात के बीच सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी राज्य सरकारों से जवाब मांगा है। जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राज्य सरकारों को फटकारते हुए कोरोना से निपटने के लिए उठाए कदमों को स्टेटस बताने को कहा। साथ ही केन्द्र सरकार से किस तरह की मदद चाहते हैं, यह भी बताएं। खंडपीठ कोरोना के संकट और शवों के दुरुपयोग मामले पर सुनवाई कर रही है। देश के कुछ राज्यों में बढ़ते कोरोना के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है। कोर्ट ने कहा कि गुजरात में दिल्ली और महाराष्ट्र के बाद सबसे खराब हालात हैं। अब इस मामले में अगली सुनवाई 27 नवंबर को होगी। सोमवार को शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात और असम से दो दिन में हलफनामा दायर कर यह बतानेको कहा है कि कोरोना के मौजूदा हालात से निपटने के लिए उन्होंने क्या उपाय किए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना के मामले बढऩे के बावजूद शादी और भीड़ वाले कार्यक्रम करने की इजाजत देने पर गुजरात सरकार को फटकार लगाई। न्यायालय ने तो यह तक कह दिया दिसम्बर में कोरोना के कारण हालात बदतर हो सकते है गुजरात के हाल तो अभी दिल्ली महाराष्ट्र से बुरे है।
दिसंबर में हालात और बदतर हो सकते हैं-सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सुना है नवंबर में कोरोना के केसों में भारी बढ़ोतरी हुई है। हम राज्यों से ताजा स्टेटस रिपोर्ट चाहते हैं। अगर तैयारी ठीक से नहीं की गई तो दिसंबर में हालात और बदतर हो सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना के मरीजों का ठीक से इलाज नहीं होने और अस्पतालों में कोरोना के मरीजों के शवों के साथ ठीक से व्यवहार नहीं किए जाने पर खुद नोटिस लिया है। मामले की सुनवाई तीन जजों की बेंच कर रही है। इनमें जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी और जस्टिस एमपी शाह शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के एक सरकारी अस्पताल में लॉबी और वेटिंग एरिया में शव पड़े थे। वार्ड में ज्यादातर बेड खाली थे, इसके बाद भी मरीज भटक रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र से भी जवाब मांगा है। दिल्ली सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने कोर्ट से कहा कि प्राइवेट हॉस्पिटल्स में कोरोना के मरीजों के लिए 80 फीसदी आईसीयू बेड रिजर्व हैं। हमने गाइडलाइन का पूरी तरह पालन किया है। कोर्ट ने कहा कि आप मौजूदा हालात पर डिटेल में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें। गुजरात सरकार से पूछा- आपकी पॉलिसी क्या है? क्या हो रहा है? यह सब क्या है? गुजरात सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई। जस्टिस शाह ने कहा कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बावजूद गुजरात में शादी, समारोहों और अन्य कार्यक्रमों की छूट दी गई। यहां दिल्ली और महाराष्ट्र के बाद सबसे खराब हालात हैं। आपकी पॉलिसी क्या है? क्या हो रहा है? यह सब क्या है?