गौ-कैबिनेट की पहली बैठक आज
   Date22-Nov-2020

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भोपाल द्य 21 नवंबर (वा)
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में गौ-संरक्षण एवं संवर्धन के लिए गौ-कैबिनेट बनाई गई है। प्रदेश में गौ-पालन एवं गौ-उत्पादों को अधिक से अधिक बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें जनता एवं समाजसेवी संगठनों की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। गोपाष्टमी के दिन वे स्वयं सबसे बड़े गौ-अभयारण्य सालरिया जाकर गौ-पूजन करेंगे तथा वहां गौ-सेवा विशेषज्ञों के साथ संगोष्ठी कर गौ-संरक्षण एवं संवर्धन के संबंध में विचार-विमर्श करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सालरिया गौ-अभयारण्य को आदर्श के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान मंत्रालय में सालरिया गौ-अभयारण्य में 22 नवम्बर गोपाष्टमी को होने वाले आयोजन की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में गौ-पालन के अंतर्गत देशी नस्ल को बढ़ावा दिया जाएगा। गौ-काष्ठ लकड़ी का श्रेष्ठ विकल्प है, अत: इसका उत्पादन बढ़ाया जाएगा। साथ ही गाय के दूध से निर्मित विभिन्न सामग्रियों, गोबर एवं गौ-मूत्र से बने उत्पादों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। गौ-अभयारण्य सालरिया में एक आधुनिक गौ-अनुसंधान केन्द्र भी खोला जाएगा।
प्रदेश में 'काऊ सैसÓ लगाने पर विचार-मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में गौ-संवर्धन एवं गौ-संरक्षण के लिए अन्य प्रदेशों की तरह 'काऊ सैसÓ (गौ-सेवा कर)लगाए जाने पर भी विचार किया जा रहा है। इससे गौ-पालन के लिए पर्याप्त राशि सरकार को प्राप्त हो सकेगी तथा इस पावन कार्य में सभी की भागीदारी भी होगी।
प्रदेश में 627 गौ-शालाएं संचालित-प्रदेश में स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा 627 गौ-शालाएं संचालित हैं, इनमें 1 लाख 66 हजार गौ-वंश का पालन किया जा रहा है। प्रदेश में निराश्रित गौ-वंश लगभग 8.5 लाख है, जिनकी देखरेख करना हम सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है।