संविधान के मूल्यों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण करें युवा - राजनाथ
   Date19-Nov-2020

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नई दिल्ली द्य 18 नवंबर (वा)
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आज युवाओं का आव्हान किया कि वे संविधान के मूल्यों को आत्मसात करते हुए नए भारत के निर्माण में हरसंभव योगदान दें। श्री सिंह ने छठे संविधान दिवस से एक सप्ताह पहले आज यहां युवा संगठनों द्वारा कॉन्स्टिट्यूशन डे यूथ क्लब एक्टिविटीज के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि युवाओं के इस देश में, युवा शक्ति को मजबूत करने और उसे आगे ले जाने के लिए राष्ट्रीय कैडेट कोर, नेहरू युवा केंद्र संगठन, राष्ट्रीय सेवा योजना , हिंदुस्तान स्काउट्स एंड गाइड्स, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स और 'रेड क्रॉस सोसायटीÓ जैसी अनेक संस्थाएं काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भी समय समय पर सभी युवा संगठनों से एक प्लेटफार्म पर आकर, देश और समाज से जुड़े मुद्दों पर लोगों में जागरूकता फैलाने तथा नए भारत के निर्माण में योगदान का आव्हान किया है। संविधान के मूल्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह किसी न किसी रूप में देश का सबसे अहम मार्गदर्शक है। यह न केवल हमारी परंपरा और सांस्कृतिक विरासत, बल्कि दुनिया के अनेक संविधानों के श्रेष्ठ विचारों का यह निचोड़ है। श्री सिंह ने कहा कि संविधान निर्माताओं का मानना था कि भारत जैसे विविधता वाले राष्ट्र को एक सूत्र में बांधकर रखने वाला हमारा संविधान ही है। यह संविधान दुनियाभर में भारत की पहचान है, क्योंकि यह भारत के लोगों का भारत के लोगों द्वारा और भारत के लोगों के लिए है। उन्होंने कहा बाबा साहेब आम्बेडकर ने अपने पहले ही साक्षात्कार में यह स्पष्ट किया था कि संविधान का अच्छा या बुरा साबित होना, उसके नियमों पर नहीं, बल्कि उसे अमल में लाने वाले लोगों पर निर्भर करेगा। यानी हम और आप पर यह निर्भर करता है कि हमारा देश, हमारी व्यवस्था, कैसे और किस दिशा में प्रगति करेगी।