सफलता का सूत्र
   Date08-Oct-2020

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प्रेरणादीप
क स्तूरबा उन दिनों अस्वस्थ थीं। उनके स्वास्थ्य को सुधारने के लिए सभी प्रयत्न निष्फल सिद्ध हो रहे थे। एक बार गांधीजी ने उनको नमक छोडऩे की सलाह दी। इस पर बा बोलीं- 'आप मेरे नमक छोडऩे के इतने पीछे पड़े हैं। पहले आप इसे छोड़कर दिखाइए।Ó गांधीजी बोले - 'अच्छी बात है। आप इसे नहीं छोडऩा चाहती तो न छोड़ें, परन्तु मैंने आज से नमक एक वर्ष के लिए छोड़ दिया है।Ó गांधीजी ने इस प्रतिज्ञा से कस्तूरबा को यह समझाने में सफलता प्राप्त की कि संयम के द्वारा किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त की जा सकती है।