समाज के व्यापारी कर रहे सुसाइड पर राजनीति, मृतक के पिता ने कहा.. अब बस करो
   Date05-Oct-2020
उज्जैन. युवा व्यापारी गोविंद रामचंदानी के सुसाइड प्रकरण के बाद जांच और न्याय के नाम पर सिंधी समाज में राजनीति शुरू हो गई। शहर के दो व्यापारीनरेश धनवानी और मोहन वासवानी पूरी तरह से आमने-सामने हो गए। दोनों ही सिंधी समाज के है और पूर्व से मनमुटाव जारी है। वासवानी सुसाइड प्रकरण की जांच की मांग उठाकर अप्रत्यक्ष रूप से नरेश को निशाना बना रहे है। वहीं नरेश पुरानी रंजिश के तहत उन्हे टारगेट करने का आरोप मोहन पर लगा रहे है। ऐसे में दोनों तरफ से सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातों को चलाया जा रहा है। ऐसे में परेशान होकर गोविंद के पिता रमेश रामचंदानी ने लोगों से अपील की है कि बस करो... उनका बेटा चला गया। वह बेहद दुखी है। वह बीमार है। अगर उन्हें कुछ हो गया। तो इसकी जिम्मेदारी उन लोगों की होगी। जो ऐसी अफवाह उड़ा रहे है। उन्हें किसी से शिकायत नहीं है। उन्होंने गोविंद के ससुराल व दोस्त गोविंद को क्लिन चिट दी।
पुलिस कर रही है जांच
पुलिस अभी मामले की जांच की बात कह रही है। मोहन वासवानी का कहना है कि एक युवा असमय दुनिया से चला गया। इसकी जांच जरूरी है। इधर, नरेश धनवानी का कहना है कि वह सीएसपी को सभी जरूरी दस्तावेज देकर जांच में पूरी तरह से सहयोग कर रहे है। वह खुद चाहते है कि प्रकरण की पूरी तरह से जांच हो।
तकनीकी आधार पर जांच जारी
युवा व्यापारी गोविंद रामचंदानी सुसाइड प्रकरण की जांच अब तकनीकी साक्ष्य के आधार पर होगी। इसके लिए पुलिस ने मोबाइल फोन व प्रकरण से जुड़े लोगों के नंबर जुटा लिए। सीएसपी कार्यालय में प्रकरण से जुड़े लोगों के एक बार फिर बयान हो गए। हालांकि इन बयानों में कुछ भी स्पष्ट नहीं हुआ। दूसरी तरफ गोविंद की मौत की जांच अब शहर के दो व्यापारियों के झगड़े की जांच में बदलती जा रही है।
सुसाइड नोट पढऩे वाले की तलाश
गोंविद रामचंदानी ने 22 सितम्बर को सुसाइड किया था। इस दौरान उसके भाई व एक पड़ौसी खिडक़ी तोड़े कमरे में जाने की बात सामने आई। चर्चाओं के आधार पर दावा किया जा रहा है कि मौके पर तीन पेज का सुसाइड नोट था। जो पड़ौसी ने पढ़ा। मोबाइल में फोटो भी खीच लिया, लेकिन सुसाइड नोट गायब करवा दिया। मोबाइल से फोटो डिलीट करवा दिए। जीवाजीगंज पुलिस मामले की जांच कर रही है। उसे कुछ भी हाथ नहीं लगा है, लेकिन चर्चाओं का बाजार गर्म है।