मोरेटोरियम की अवधि के ब्याज पर ब्याज का भुगतान करेगी सरकार
   Date25-Oct-2020

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नई दिल्ली द्य 24 अक्टूबर (वा)
मोदी कैबिनेट ने करोड़ों लोगों को दीपावली का तोहफा दिया है। केंद्र सरकार ने लोन मोरेटोरियम की अवधि में ब्याज पर ब्याज के भुगतान वाली स्कीम को मंजूरी दे दी है। सरकार ने 2 करोड़ रुपए तक के कर्ज के लिए ब्याज पर छूट देने की घोषणा की। इस स्कीम का आम आदमी तक लाभ पहुंचाने के लिए वित्त मंत्रालय ने गाइडलाइंस जारी कर दी है। अब इसके तहत चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज के अंतर का भुगतान केंद्र सरकार करेगी। अभी यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। 2 नवम्बर को इस पर सुनवाई होनी है। इसलिए सरकार पहले इसकी जानकारी उसे ही देगी।
इनको नहीं मिलेगा लाभ-कॉरपोरेट को इसक लाभ नहीं मिलेगा। ब्याज पर ब्याज के भुगतान वाली स्कीम का लाभ केवल इंडिविजुअल और एमएसएमई लोन को मिलेगा। ब्याज पर ब्याज के भुगतान का बोझ केंद्र सरकार उठाएगी। इससे सरकार पर करीब 6500 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा। योजना के तहत, कर्ज देने वाले संस्थानों को योजना की अवधि के लिए पात्र कर्जदारों के संबंधित खातों में संचयी ब्याज व साधारण ब्याज के अंतर की राशि जमा करनी होगी। योजना में कहा गया है कि कर्जधारक ने रिजर्व बैंक के द्वारा 27 मार्च 2020 को घोषित किस्त भुगतान से छूट योजना का पूर्णत: या अंशत: लाभ का विकल्प चुना हो यह नहीं, उसे ब्याज राहत का पात्र माना जाएगा।
नियमित किस्तों का भुगतान करने वालों को भी फायदा-कर्ज राहत योजना का लाभ उन कर्जधारकों को भी मिलेगा, जो नियमित किस्तों का भुगतान करते रहे। कर्ज देने वाले संस्थान दी गई छूट के तहत संबंधित राशि कर्जधारक के खाते में जमा करने के बाद केंद्र सरकार से उसके बराबर राशि पाने के लिए दावा करेंगे। मान लीजिए किसी ने 1 करोड़ रुपए का होम लोन लिया है। वह समय पर ईएमआई का भुगतान किया है, तो उसे लगभग 16,000 रुपए के पूर्व-भुगतान के पात्र होंगे। यह गणना 8 प्र. की ब्याज दर से है, जिसके परिणामस्वरूप 4 लाख रुपए का अर्धवार्षिक ब्याज और 16,269 रुपए का चक्रवृद्धि ब्याज होगा।