गलती स्वीकारनी चाहिए कमल नाथ को
   Date22-Oct-2020

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भोपाल द्य 21 अक्टूबर (वा)
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के 'आइटमÓ शब्द को लेकर आज एक बार पुन: उन पर तीखे हमले करते हुए कहा कि उन्हें अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए।
श्री चौहान ने सागर जिले के सुरखी विधानसभा के सिहोरा, छतरपुर जिले के बड़ामलहरा के अलावा रायसेन के सांची विधानसभा के हरदौत में बूथ सम्मेलन और राजगढ़ के ब्यावरा विधानसभा के लखनबात में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री कमल नाथ ने डबरा की एक सभा में मंत्री इमरती देवी को लेकर अपशब्द कहें, जबकि वे उनकी सरकार में मंत्री थी, लेकिन उन्हें उनका नाम याद नहीं आया और वह यह अपशब्द कह दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी गलती को स्वीकार करना चाहिए। श्री चौहान ने कहा कि श्री कमल नाथ को इसके लिए उनके कई सहयोगियों के अलावा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह किसी की बात मानने को तैयार नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार में जनता की भलाई के लिए चलाई गई भाजपा सरकार की योजनाओं को बंद कर दिया था। विकास के काम ठप कर दिए गए। उनकी सरकार में विकास के नाम पर प्रदेश को लूटा गया। उन्होंने कहा कि वह मध्यप्रदेश को गढऩे का काम किया है, ऐसी लुटने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में बजट की कमी के बावजूद हमने विकास कार्य रुकने नहीं दिया है और यह सतत जारी है। कांग्रेस की 15 माह की सरकार में कोई विकास के कार्य नहीं कराए। हमेशा पैसों का रोना रोया है। श्री चौहान ने कहा कि यह कोई आम उपचुनाव नहीं है। ये उपचुनाव बेहद खास हैं। इन उपचुनावों से ही तय होगा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री कौन रहेगा। ये प्रदेश की जनता के विकास का उपचुनाव है। उन्होंने कहा कि 15 साल तक प्रदेश के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी है। हर क्षेत्र में विकास किए हैं और अब हम हमारे ही विकास के रिकार्डों को तोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि बड़ामलहरा क्षेत्र में भी विकास की गंगा बहाई जाएगी। यहां पर कॉलेज खोलने की घोषणा हमने की थी और खोला भी है। अब यहां पर कृषि महाविद्यालय भी बनाया जाएगा। श्री चौहान ने कहा कि किसानों को पानी एवं पेयजल की पूर्ति के लिए भी योजनाएं बनाई गईं हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी मीटिंग होने वाली है। हम बैठकर केन-बेतवा पर चर्चा करेंगे और छतरपुर जिले के गांव-गांव में पानी पहुंचाएंगे। छतरपुर सहित टीकमगढ़, पन्ना एवं बुंदेलखंड की धरती को खेती के मामले में पंजाब से भी आगे कर देंगे।