शिवराज ने सोनिया को लिखा पत्र कमल नाथ पर कार्रवाई की मांग
    Date20-Oct-2020

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भोपाल द्य 19 अक्टूबर (वा)
मप्र की कैबिनेट मंत्री, डबरा से भाजपा उम्मीदवार एवं दलित वर्ग से आने वालीं श्रीमती इमरतीदेवी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ द्वारा की गई अशोभनीय और अमर्यादित टिप्पणी के परिप्रेक्ष्य में आज मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी (आइटम) के विरोध में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश के अलग-अलग शहरों में मौन उपवास किया। मौन उपवास पर बैठने से पहले मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ द्वारा मेरी सरकार की मंत्री एक गरीब परिवार में जन्मी मेरी दलित बहन पर अभद्र टिप्पणी की गई थी। इस टिप्पणी पर उन्हें कोई अफसोस नहीं है। वो बेशर्मी से अभद्र कही बात को जायज ठहराने का प्रयास कर रहे हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ग्वालियर में और वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया इंदौर में मौन उपवास पर बैठे। ग्वालियर से मिले समाचार के अनुसार वहां के फूलबाग मैदान में श्री शर्मा के साथ वरिष्ठ नेता प्रभात झा, पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया, सांसद श्रीमती रीति पाठक और प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर भी दो घंटे मौन उपवास पर बैठे। इस उपवास में शामिल होने के लिए ग्वालियर चंबल अंचल के नेता भी पहुंचे हैं।
श्री चौहान ने लिखा है कि एक दलित महिला मंत्री के प्रति अभद्र और अशोभनीय टिप्पणी करने और उसे जायज ठहराने का बेशर्मी भरा कृत्य करने वाले कमल नाथ के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल सभी पदों से हटाया जाए। उनकी कड़ी निंदा की जाए, ताकि महिलाओं का अपमान करने वाले आपकी पार्टी के नेताओं को सबक मिल सके। श्री चौहान ने पत्र की शुरुआत में लिखा है कि वे बड़े ही व्यथित मन से यह पत्र लिख रहे हैं। उन्होंने मंत्री के प्रति टिप्पणी को बेहद अशोभनीय और अमर्यादित बताते हुए कहा कि वे इसका जिक्र तक पत्र में करना उचित नहीं समझते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कमल नाथ ने विधानसभा उपचुनाव में प्रचार के दौरान श्रीमती इमरतीदेवी के खिलाफ अभद्र और अशोभनीय टिप्पणी ठहाके लगाते हुए की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष स्वयं एक महिला हैं, इस नाते उन्हें उम्मीद थी कि वे स्वयं ही इस मामले में संज्ञान लेते हुए मामले की निंदा करेंगी, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है, जबकि इस संबंध में खबर कल से ही सभी समाचार माध्यमों में आ रही है। श्री चौहान ने कहा कि इस मामले में मंत्री श्रीमती इमरतीदेवी ने मीडिया के समक्ष रोते हुए अपनी व्यथा का इजहार किया है, जिसे देखकर किसी का भी दिल पसीज सकता है। उन्होंने कहा कि चुनाव तो आते-जाते रहते हैं, लेकिन किसी दलित महिला का इस तरह अपमान संपूर्ण राजनीति को कलंकित करता है