कुकर्मी का प्रतिकार
   Date14-Oct-2020

prernadeep_1  H
प्रेरणादीप
जॉ र्ज विलियम प्रतिदिन गिरजाघर जाते थे और गरीबों व असहायों की भरपूर सेवा भी करते थे। एक दिन वे प्रार्थना करके लौट रहे थे कि उन्होंने देखा एक दुर्जन, किसी असहाय व्यक्ति को सता रहा है। उन्होंने उसे समझाया कि किसी कमजोर को प्रताडि़त करना पाप है। उसने गुस्से में आकर उनके गाल पर एक तमाचा मार दिया। जॉर्ज ने दूसरा गाल भी उसकी ओर कर दिया। उसने उस गाल पर भी प्रहार कर दिया। ऐसा होते ही जॉर्ज विलियम ने उसे उठाकर जमीन पर पटक दिया।
भीड़ में खड़े चर्च के पादरी ने यह दृश्य देखा तो बोले-'जॉर्ज! तुम तो ईसा के महान भक्त हो, फिर इस व्यक्ति पर क्यों प्रहार कर रहे हो?Ó जॉर्ज बोले-'प्रभु ईसा ने यह कहा है कि कोई तुम्हें एक चाँटा मारे तो दूसरा गाल उसके आगे कर दो तो मैंने उसका पालन करते हुए अपना दूसरा गाल उसके आगे कर दिया, किंतु मैंने यह भी पढ़ा है कि अत्याचारी का अत्याचार सहन करना, किसी पाप से कम नहीं है। इससे ज्यादा कुकर्म करने की छूट देने पर इसका दुस्साहस बढ़ जाता, इसलिए मैंने इसे सबक सिखाना उचित समझा। कुकर्मी का प्रतिकार करना भी धर्म के समान ही है।Ó