पिछली शताब्दी में देश को दिशा देने वालों में राजमाता भी शामिल थीं - प्रधानमंत्री
   Date13-Oct-2020

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राजमाता सिंधिया की जन्मशती पर 100 रु.का स्मारक सिक्का जारी
नई दिल्ली द्य 12 अक्टूबर (वा)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जन्मशती के अवसर पर आज 100 रुपए का स्मारक सिक्का जारी किया।
प्रधानमंत्री ने स्मारक सिक्का जारी करते हुए राजमाता के साथ रथयात्रा और एकता यात्रा के दौरान के अपने अनुभवों के बारे में बताया। उन्होंने कहा- ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे राजमाता की स्मृति में यह विशेष स्मारक सिक्का जारी करने का अवसर मिला है। कोरोना के कारण भले ही यह कार्यक्रम भव्य नहीं है, लेकिन यह दिव्य जरूर है। पिछली शताब्दी में देश को दिशा देने वाले चंद लोगों में राजमाता भी शामिल थीं। वह सिर्फ वात्सल्य की मूर्ति नहीं थीं, बल्कि वह एक निर्णायक नेता थीं और कुशल प्रशासक थीं। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आजादी के इतने दशकों तक भारतीय राजनीति के हर अहम पड़ाव की वह साक्षी रहीं।
उन्होंने कहा- आजादी से पहले विदेशी वस्त्रों की होली जलाने से लेकर आपातकाल और श्रीराम मंदिर आंदोलन तक राजमाता के अनुभवों का व्यापक विस्तार रहा है। राजमाता की जीवनयात्रा और उनके जीवन संदेश को देश की मौजूदा पीढ़ी भी जाने और उनसे प्रेरणा ले, इसीलिए उनके बारे में और उनके अनुभवों के बारे में बार-बार बात करना आवश्यक है।
राजमाता का ममत्व कोई नहीं भूल सकता- पटेल-केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने इस समारोह की शुरुआत करते हुए राजमाता की स्मृति में स्मारक सिक्का जारी करने के लिए प्रधानमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया और राजमाता के साथ अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा- राजमाता विजयराजे सिंधियाजी की जन्मशती के अवसर पर केंद्र सरकार ने 100 रुपए का स्मारक सिक्का जारी करने का फैसला किया था। इस स्मारक सिक्के को जारी करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सहमति के लिए मैं और संस्कृति मंत्रालय उनका आभार व्यक्त करते हैं। हम सौभाग्यशाली हैं कि हमारी पीढ़ी को राजमाता का सान्निध्य मिला। उन क्षणों को हम सभी साथी कभी भुला नहीं सकते हैं। उनके पास धन, पद-प्रतिष्ठा सब थी, लेकिन उनका व्यवहार अहंकारशून्य ममत्व से भरा, सहज, सरल और सौम्य था। उनके जो भी मिला, बिना प्रभावित हुए नहीं रह सका। उनका ममत्व कोई नहीं भूल सकता है।