कश्मीर पर नापाक हथकंडे फिर विफल...
   Date18-Jan-2020

vishesh lekh_1  
यह देश ही नहीं, दुनिया के सामने भी जगजाहिर सत्य है कि जम्मू-कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है...उस पर किसी भी तरह का हस्तक्षेप या फिर वक्तव्य बाहरी तौर पर स्वीकार नहीं है...भले ही अमेरिका से लेकर चीन और पाकिस्तान से लेकर भारत में भी घात लगाकर बैठे कुछ राष्ट्रघाती तत्व आएदिन कश्मीर-कश्मीर और कश्मीर में मानवाधिकार का थोथा रोना रोते रहे..,लेकिन विश्व के अधिकतर देश यह मानकर चलते हैं और समय-समय पर वैश्विक मंचों से स्वीकार भी किया है कि जम्मू-कश्मीर से जुड़ा कोई भी निर्णय, नीति, योजना भारत का एक अधिकार है और इसमें किसी भी स्तर पर कोई हस्तक्षेप भारत को मान्य नहीं है...और मान्य होना भी नहीं चाहिए...5 अगस्त 2019 को भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर को अनुच्छेद 370 एवं 35 ए के शिकंजे से मुक्त किया था। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से वहां पर व्यवस्थाएं लागू की गई...आज की स्थिति में जम्मू-कश्मीर में स्थिति पूर्णत: सामान्य है...लेकिन पाकिस्तान के साथ-साथ चीन के पेट में आएदिन जम्मू-कश्मीर को लेकर मरोड़ पैदा होना इन दोनों देशों की कुटिल चालों, पैंतरेबाजी और खुराफातों की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है...जिस तरह से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में चीन और पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के संबंध में प्रस्ताव पारित कराने में विफल रहे और भारत के समर्थन में खड़े असंख्य देशों की तुलना में दोनों (पाक-चीन) अलग-थलग पड़े, यह भारत की वैश्विक मान्यता का परिचय है, जिसका बीजारोपण नरेन्द्र मोदी ने 26 मई 2014 को प्रधानसेवक के रूप में देश की कमान संभालते हुए शपथ ग्रहण समारोह में सार्क देशों को आमंत्रित करके विश्व को यह संदेश दिया था कि भारत सबको साथ लेकर आगे बढऩे के विचार का सदैव पक्षधर रहा है...और इसके बाद जितनी भी विदेश यात्राएं प्रधानमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी ने की, उसका ही नतीजा है कि आज जम्मू-कश्मीर को एक तरह से बेजा धाराओं से आजादी दिलाने के बाद विश्व भारत के निर्णयों के समर्थन में मोहर लगा रहा है...चीन और पाक बगले झांकते नजर आते हैं। यही नहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मध्यस्थता नीति भी जम्मू-कश्मीर के मामले में तीन-तीन बार विफल हो चुकी है..,क्योंकि यह हथकंडा भी पाकिस्तान ने अमेरिका की जी-हुजूरी करके आगे बढ़ाया था..,लेकिन ट्रम्प भी पाकिस्तान की उस खुराफाती कार्य को आगे बढ़ाने में सफल नहीं हो सके...कुल मिलाकर यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन, पाकिस्तान को विश्व की ताजा घुड़की भविष्य का स्पष्ट संकेत है कि भारत अब गुलाम कश्मीर यानी पाकिस्तान अतिक्रमित कश्मीर में भी अपनी योजना, पहल को आगे बढ़ाने में सफल हो सकता है...चीन की मजबूरी यही है कि वह अपने कारोबार को पाकिस्तान में फैलाने की कीमत पर पाकिस्तान के नापाक मंसूबों के पक्ष में खड़े होने के मजबूर है..,लेकिन यह मजबूरी भी चीन के असल घातक मंसूबों को विश्व के सामने ला रही है, जिसमें भारत रणनीतिक रूप से लगातार सफल भी हो रहा है...यही राष्ट्र नेतृत्व की सफलता भी है...
दृष्टिकोण
84 के दंगों पर एसआईटी रिपोर्ट...
1984 के सिख विरोधी दंगों में प्रायोजित एवं साजिशन रूप से तैयारी करके सिख समाज को बर्बरता का शिकार बनाया गया था..,जिस तरह से कांग्रेसी नेताओं के इशारे पर देशभर में सिखों का कत्लेआम हुआ, वह आज भी हर किसी को झकझोर देता है..,क्योंकि अकेले राजधानी दिल्ली में ही राजीव गांधी सरकार के नाक के नीचे 3000 सरदारों के प्राण छीन लिए गए थे...उनकी संपत्तियों, दुकानों, मकानों और वाहनों से लेकर आजीविका के साधनों को आग के हवाले किया गया.., वह तो अलग ही मंजर था...मप्र के इंदौर में भी बड़े स्तर पर सिखों का नरसंहार हुआ था...यहां पर भी सरदारों की संपत्ति को लूटने में वर्ग-विशेष की भूमिका रही थी...दशकों बाद भी वह 1984 सिख दंगों के घाव हरे के हरे हैं..,क्योंकि आज भी सैकड़ों परिवारों को न्याय का इंतजार है...अगर ऐसी स्थिति में सिख विरोधी दंगों की जांच करने वाले पूर्व जस्टिस एस.एन. ढींगरा आयोग की सिफारिशें केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने स्वीकार कर ली हैं...तो यह सिख समाज के साथ न्याय और उन्हें लंबे समय से न्याय के इंतजार की उस घड़ी को समाप्त करने जैसा है...जिसके लिए सैकड़ों अबलाओं की आंखें अभी भी न्याय पाने का सपना देख रही हैं...अब इस मामले में उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी, जिन्होंने सिखों के नरसंहार का मूकदर्शक बनकर तमाशा देखा...शीर्ष अदालत में 11 जनवरी 2018 को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था...जिसने 186 मामलों में जांच करने की सिफारिश केंद्र सरकार से की थी और केंद्र सरकार ने यह सिफारिश मानकर उन पुराने मामलों को खोलकर सैकड़ों सिख परिवार को न्याय दिलाने की पहल की है...जिससे समाज में यह संदेश जा सके कि न्याय में देरी हो सकती है...लेकिन दोषियों को दंड मिलकर रहेगा...