अंगदान को लेकर जागरूकता फैलाने की जरूरत- कोविंद
   Date16-Jan-2020

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नई दिल्ली ठ्ठ 15 जनवरी (वा)
राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने अंग दान के लिए लोगों में जागरूकता फैलाने पर जोर देते हुए बुधवार को कहा कि खराब जीवनशैली के कारण यकृत (लीवर) संबंधी बीमारी बढ़ती है।
श्री कोविन्द ने यहां यकृत और पित्त विज्ञान संस्थान (आईएलबीएस) के 10वें स्थापना दिवस और सातवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि देश में हर वर्ष करीब दो लाख लीवर प्रत्यारोपण की जरूरत होती है, जबकि कुछ हजार लीवर ही प्रत्यारोपित हो पाते हैं। राष्ट्रपति ने कुछ और सार्वजनिक अस्पतालों में लीवर प्रत्यारोपण कार्यक्रम शुरू करने पर जोर देते हुए कहा कि आईएलबीएस इस संबंध में आवश्यक विशेषज्ञता प्रदान कर सकता है। उन्होंने कहा कि सबसे कठिन काम अंग दान को प्रोत्साहित करना और इसके बारे में लोगों में जागरूकता फैलाना जरूरी है। किसी की जान बचाने के लिए आवश्यक अंग और उसकी उपलब्धता के बीच एक काफी अंतर है। अंग दान के बारे में जागरूकता की कमी की वजह से दानदाताओं की कमी रहती है। उन्होंने आईएलबीएस से आग्रह किया कि वह लीवर दान करने को प्रोत्साहित करने के तरीके बताने के लिए एक रोडमैप तैयार करे ताकि संबंधित प्रक्रिया में सुधार लाया जा सके और वर्तमान की तुलना में अधिक संख्या में लीवर प्रत्यारोपित किए जा सकें। लीवर की बीमारियां बढऩे के मामलों का संबंध हमारी खराब जीवनशैली है। वर्तमान में चार भारतीयों में से एक का लीवर के आसपास चर्बी जमा हो जाती और अत्यधिक चर्बी होने के कारण इनमें से 10 प्रतिशत लोग लीवर की बीमारियों के शिकार हो सकते हैं।