इंदौर का संदेश : राष्ट्र और संविधान ही सर्वोपरि
   Date13-Jan-2020

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नागरिकता संशोधन अधिनियम के समर्थन में उमड़ा लाखों का सैलाब
इंदौर द्य 12 जनवरी (स्वदेश समाचार)
नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के समर्थन में पूरा इंदौर स्वप्रेरणा से दशहरा मैदान पर उमड़ पड़ा। सीएए के समर्थन में ऐतिहासिक जनसमर्थन इंदौरियों ने दिया। इस समर्थन को देखकर निश्चित ही सीएए विरोधी राष्ट्रघाती तत्वों की भी आंखें खुल गई होगी, क्योंकि सीएए के समर्थन में तिरंगा यात्रा में उमड़ा लाखों का जनसैलाब इस बात का गवाह बना कि देशवासियों के लिए राष्ट्र व संविधान ही सर्वोपरि है।
स्वच्छता से लेकर सभी क्षेत्रों में इंदौर को नं. 1 आने की एक आदत-सी हो गई है। सीएए के समर्थन में लाखों लोगों ने आकर प्रदेश में ही नहीं देश में भी एक उदाहरण प्रस्तुत किया है, क्योंकि पूरा कार्यक्रम पूर्णत: अनुशासित था और वह भी स्वअनुशासित। हर हाथ में तिरंगा था, पूरा दशहरा मैदान व मां अन्नपूर्णा मार्ग तिरंगे से पटा हुआ था। एक साथ लाखों हाथों लाखों तिरंगे भी इंदौर ने पहली बार ही देखे होंगे। सीएए को समर्थन देकर इंदौैरवासियों ने राष्ट्रभक्ति में अपना अमूल्य योगदान दिया। भारत सुरक्षा मंच की अगुवाई में भारी संख्या में लोग पहुंचे।
राष्ट्रहित सर्वोपरि है, यह इंदौरवासियों ने रविवार को लाखों की संख्या में आकर सीएए का समर्थन कर बता दिया। बात राष्ट्रहित, देश की अखंडता व एकता की हो, देश के गौरव की हो, इंदौर हमेशा उसका पुरजोर समर्थन करता है। इंदौर प्रदेश की आर्थिक राजधानी के साथ-साथ संस्कार व संस्कृति की भी राजधानी है। संस्कारित तिरंगा यात्रा और राष्ट्रगान कर इंदौैर ने यह भी बता दिया। जब-जब राष्ट्र ने पुकारा इंदौर हमेशा आगे रहा। दशहरा मैदान पर शहरभर से लोग परिवार सहित पहुंचे और समर्थन दिया। मैदान तो खचाखच भरा ही था, मां अन्नपूर्णा मेन रोड पर भी हजारों की संख्या में लोग खड़े थे। वहीं आसपास रहने वाले अपने मकानों की छत पर खड़े होकर तिरंगा लहराकर दशहरा मैदान आने वालों का अभिवादन कर रहे थे। इसके पूर्व इंदौर शहर के हर मोहल्ले में एकत्रीकरण रखा गया था। सभी को एक चिन्हित स्थान पर एकत्रित होना था। यहां से रैली के रूप में सभी जन अनुशासित रूप से हाथों में तिरंगा लिए दशहरा मैदान पहुंचे। किसी ने चेहरे पर तिरंगा बनाया था, तो किसी ने सीएए लिखवाया था। गले में तिरंगा दुपट्टा डाला था। सभी उत्साह-उमंग व जोश के साथ दशहरा मैदान पहुंचे। हाथों में सीएए के समर्थन में केप्शन लिखे बैनर थे। प्रशासन ने रैली की अनुमति नहीं दी, लेकिन दशहरा मैदान में कार्यक्रम की अनुमति शर्तों पर दी। परंतु इंदौर की जनता ने अपने-अपने क्षेत्र से दशहरा मैदान पहुंचकर रैली की पूर्ति कर दी। पूरे इंदौर में रैलियां दिखी। दशहरा मैदान पहुंचने के लिए लोग अपने मोहल्लों से चले तो पूरा शहर तिरंगामय हो गया था। दशहरा मैदान पर दो मंच लगाए गए थे। एक मंच पर पूर्व सैनिक व संत, समाज प्रमुख विराजमान थे तो वहीं दूसरे मंच से देशभक्ति के तराने गूंज रहे थे। इन तरानों की धुन पर राष्ट्रभक्त नाच रहे थे। दशहरा मैदान पर राष्ट्रभक्ति का सैलाब-सा उमड़ा था। क्या बच्चे, क्या मातृशक्ति, क्या युवा, क्या बुजुर्ग, सब थिरक रहे थे। इनका उत्साह देख गायकों का भी उत्साह दोगुना हो गया था। मंच से राकेश डांगी ने भी वीररस की कविताएं सुनाकर दाद बंटोरी। भारत सुरक्षा मंच के पुष्यमित्र भार्गव ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए देशभक्ति के उद्घोष लगवाए। तिरंगा यात्रा में एवं नागरिकता संशोधन अधिनियम के समर्थन में भारत सुरक्षा मंच के आह्वान पर राजनीतिक दल, महिला संगठन, छात्र संगठन, सामाजिक संगठन, धार्मिक संगठन, रहवासी संघ, समाज के विभिन्न वर्गों के संगठन, राष्ट्रभक्त संगठन आदि के सदस्य भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
विहिप के प्रांतीय अधिकारी भी पहुंचे- 'नागरिक संशोधन अधिनियमÓ के समर्थन में भारत सुरक्षा मंच के आह्वान पर दशहरा मैदान पर आयोजित विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद मालवा प्रांत के अध्यक्ष कांतिभाई पटेल के आह्वान पर मालवा प्रांत के इंदौर विभाग एवं जिलों से युवाओं के जत्थे हाथ में तिरंगा लहराते हुए दशहरा मैदान पर पहुंचे। पूरे रास्ते भारत माता की जय, वंदे मातरम् के नारे लग रहे थे। मालवा प्रांत के प्रांत प्रचार प्रमुख प्रदीप गोयल, गिरधारी लाल कुमावत, संजयसिंह चौहान, रवि कसेरा, नितिन पाटीदार, तनु शर्मा सहित 12 सौ से अधिक कार्यकर्ता यात्रा का स्वरूप बनाकर दशहरा मैदान पहुंचे। तिरंगा यात्रा में अनेक कार्यकर्ता अपने गालों पर तिरंगे का निशान, सीएए लिखा हुआ निशान, तिरंगा साफा एवं तिरंगा की वेशभूषा में एवं हाथों में समर्थन की तख्तियां लेकर आए। इस अवसर पर 50 मीटर लंबे कपड़े पर सभी ने अपना समर्थन देकर हस्ताक्षर भी किए।