बॉयोमेट्रिक पद्धति से आंगनवाड़ी में हाजिरी लगाते हैं छात्र, बन रहे अनुशासित और स्मार्ट
   Date08-Sep-2019

भोपाल द्य स्वदेश समाचार
यह जानकर भले ही आपको आश्चर्यजनक लगे कि यह बदलाव कैसे दिखाई दे रहा है, पर सच्चाई यही है। बाल शिक्षा केन्द्र के रूप में परिवर्तित किए गए श्योपुर जिले के आदिवासी विकासखण्ड कराहल में आंगनवाड़ी के बच्चे अब स्मार्ट बन रहे हैं। ड्रेसकोड के साथ टेबल-कुर्सी पर चित्रों के जरिए शाला पूर्व शिक्षा लेते हुए छोटे बच्चे बॉयोमेट्रिक पद्धति से हाजरी लगाते हैं। श्योपुर के बस स्टैण्ड में शहरी क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति बस्ती के वार्ड-17 के आंगनवाड़ी केन्द्र को बाल शिक्षा केन्द्र के रूप में विकसित करने के बाद केन्द्र की पूरी गतिविधियां बदली हुई दिखाई दे रही हैं। कुछ समय पहले तक इस केन्द्र में बच्चे नंगे पांव पोषण आहार लेने आते थे। वहीं अब ये बच्चे किसी महंगे प्रायवेट प्ले स्कूल की तरह शानदार गणवेश में टेबल-कुर्सी पर बैठकर प्रारंभिक शिक्षा का लाभ ले रहे हैं। यहां बच्चों को पोषण आहार के साथ चित्रों के माध्यम से अक्षर ज्ञान कराया जा रहा है।
संस्कार भी सीख रहे छात्र - महिला बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्रों को प्रारंभिक बाल शिक्षा केन्द्र के रूप में परिवर्तित करने की राज्य सरकार की योजना साकार होती दिख रही है। यहां पढऩे वाले छात्रों को संस्कारवान बनाने का भी पूरा प्रयास किया जा रहा है। हालांकि इसका परिणाम भी परिलक्षित होता दिख रहा है।
मस्ती की पाठशाला बना केन्द्र - आंगनवाड़ी बाल शिक्षा केन्द्र पूरी तरह से मस्ती की पाठशाला बन गया है। केंद्र में अध्ययनरत बच्चों का मन पढ़ाई में लगा रहे, इसलिए यहां खिलौनों की व्यवस्था की गई है। आंगनवाड़ी की पेंटिंग इस तरह से की गई है कि वह बच्चों को आकर्षित करने के साथ ही अक्षर ज्ञान भी करवा रही है। जिला प्रशासन द्वारा आंगनवाड़ी के बाहर खेल मैदान के लिए जमीन सुरक्षित कर उसकी फेंसिंग कराई गई है, जिससे बच्चे खेलने के साथ सुरक्षित भी रहें।
इन केंद्रों को बनाया बाल शिक्षा केन्द्र - श्योपुर जिले के विकासखण्ड श्योपुर, कराहल एवं विजयपुर क्षेत्र में बाल शिक्षा केन्द्र प्रारंभ किए गए हैं। आंगनवाड़ी केन्द्रों की कार्यकर्ता एवं सहायिका को केन्द्रों में दर्ज बच्चों को उनके अभिभावकों से चर्चा कर पाठशाला में निरंतर भिजवाने की मुहिम चलाई जा रही है। केन्द्रों में आने वाले कमजोर बच्चों की ग्रेड में सुधार के लिए उन्हें पोषणयुक्त आहार भी दिया जा रहा है।