रीवा जिला जन्म के समय बाल लिंगानुपात वृद्धि के लिए पुरस्कृत
   Date07-Sep-2019

भोपाल द्य 6 सितम्बर (वा)
मध्यप्रदेश के रीवा जिले को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना में जन्म के समय बाल लिंगानुपात में लगातार बेहतर प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत किया गया है। केन्द्रीय महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती स्मृति जुबीन ईरानी ने आज नई दिल्ली में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती प्रतिभा पांडे को यह पुरस्कार प्रदान किया। रीवा जिले को देश के 10 चुने हुए जिलों में शामिल किया गया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चुने गए जिलों में मध्यप्रदेश के रीवा, भिंड, मुरैना, ग्वालियर, दतिया और टीकमगढ़ जिले शामिल हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार रीवा जिले में जन्म के समय बाल लिंगानुपात 885 था। जिले को अप्रैल 2016 में जब योजना में शामिल किया गया था, तब बाल लिंगानुपात 919 था। वर्ष 2018-19 में यह बढ़कर 934 हो गया है। इस योजना के तहत रीवा जिले में विभिन्न जागरुकता कार्यक्रम किए गए। जिले में कम लिंगानुपात वाले गांवों को चुनकर वहां पर हर घर दस्तक, शक्ति चौपाल, नुक्कड़ नाटक, कठपुतली शो आदि किए गए। साथ ही ऐसे परिवारों को भी सम्मानित किया गया, जिनमें कक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त केवल बेटियां हैं।
कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए कार्यशाला, जागरुकता रैली, मानव श्रृंखला, रंगोली प्रतियोगिता की गई। आंगनवाड़ी केन्द्रों में जन्मोत्सव एवं बिटिया उत्सव मनाने गए। महिला बाल विकास विभाग द्वारा जिला और परियोजना स्तर पर विद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यशाला की गई। अस्पतालों में नवजात बालिकाओं और उनके परिजनों का स्वागत किया गया।