मप्र में चल रहे प्रकरण पर मुख्यमंत्री को करना है फैसला - दिग्विजय
   Date07-Sep-2019

भोपाल द्य मध्यप्रदेश की राजनीति में पिछले चार दिन से वन मंत्री उमंग सिंघार और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बीच चल रहे विवाद के बीच श्री सिंह ने आज पहली बार सामने आते हुए कहा कि इस पूरे मामले को पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और मुख्यमंत्री एवं प्रदेश इकाई के अध्यक्ष कमलनाथ को देखना है। श्री सिंह इस पूरे घटनाक्रम के बीच यहां पहली बार मीडिया के सामने आए और कहा कि वे इस मुद्दे पर ज्यादा कुछ नहीं कहेंगे। पूरा मामला अब श्रीमती गांधी और श्री कमलनाथ को देखना है। उन्होंने इस बात का कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया कि क्या वे मंत्री श्री सिंघार से मुलाकात करेंगे और क्या उन्होंने इतने गंभीर आरोपों पर उन्हें माफ कर दिया है। मंत्री श्री सिंघार से मुलाकात के संबंध में उन्होंने संकेतों में कहा कि वे डायबिटीज के मरीज नहीं हैं और मीठी चाय पीते हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि पार्टी में कोई भी अनुशासनहीनता करे, तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए।
मंत्री श्री सिंघार ने इसके पहले पूर्व मुख्यमंत्री श्री सिंह को आमंत्रित करते हुए कहा था कि श्री सिंह के आने पर वे उन्हें चाय पिलाएंगे। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई, जब उन्होंने भाजपा के कार्यकर्ता ध्रुव सक्सेना और बजरंग दल के बलराम सिंह का मामला उठाया। ये दोनों आईएसआई से पैसा लेने के आरोप में पकड़े गए थे। उन्होंने कहा कि 2017 में तत्कालीन सरकार ने ध्रुव सक्सेना पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून नहीं लगाया। उन्होंने कहा कि जब इनकी जमानत हो गई, तब उन्होंने ये मुद्दा उठाया और वहीं से इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत हुई।