चिदम्बरम ने टहलने के साथ किताब पढ़ी
   Date07-Sep-2019

नई दिल्ली द्य 6 सितम्बर
तिहाड़ जेल में लकड़ी के तख्ते पर करवटें बदलते हुए बिताई गई रात के बाद पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने शुक्रवार को अपने दिन की शुरुआत जेल परिसर में टहलने के साथ की, इसके बाद उन्होंने कुछ किताब पढ़ी और बेटे कार्ति के साथ मुलाकात की। सूत्रों ने इसकी जानकारी दी।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता को गुरुवार की शाम तिहाड़ जेल में लाया गया था और वह रात को ज्यादा सो नहीं सके। उन्होंने बताया कि उन्होंने धार्मिक ग्रंथ और समाचार-पत्र पढ़कर अपनी सुबह बिताई। इससे पहले उन्होंने अपने सुबह की शुरुआत जेल परिसर में टहलने तथा सुबह छह बजे दलिया खाकर और चाय पीने के साथ की। इसके बाद दिन में वरिष्ठ कांग्रेस नेता के बेटे ने उनसे मुलाकात की। उनके अधिवक्ता के भी उनसे मिलने की संभावना है।
सूत्रों ने बताया कि वरिष्ठ राजनेता ने सोने के लिए चारपाई की मांग की, लेकिन जेल डॉक्टर की जांच के बाद अगर उन्हें जरूरी लगेगा तो यह दी जाएगी। पूर्व मंत्री जेल नंबर सात में बंद हैं। यहां सामान्य तौर पर उन लोगों को रखा जाता है, जो प्रवर्तन निदेशालय के मामलों में आरोपी होते हैं। कांग्रेस की अगुवाई वाली संप्रग सरकारों के दौरान वित्त एवं गृह मंत्री रह चुके वरिष्ठ राजनेता को आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में यहां की एक अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है।
चिदम्बरम 16 सितम्बर को 74 साल के हो जाएंगे और अगर इससे पहले उन्हें जमानत नहीं मिलती है तो उन्हें अपना जन्मदिन जेल में ही बिताना होगा।
कारागार अधिकारी ने बताया कि अदालत के आदेशानुसार उन्हें अलग प्रकोष्ठ और पश्चिमी शैली के शौचालय की सुविधा दी गई है। इसके अलावा उन्हें कोई विशेष सुविधा नहीं दी गई है। अन्य कैदियों की तरह कांग्रेस नेता कारागार के पुस्तकालय तक जा सकते हैं और एक खास समय तक वह टीवी देख सकते हैं। चिदम्बरम को उनका विशेष प्रकोष्ठ दिए जाने से पहले उन्होंने अनिवार्य मेडिकल परीक्षण करवाया। पिछले साल इसी मामले में, चिदम्बरम का बेटा कार्ति इसी प्रकोष्ठ में 12 दिनों तक बंद था। अधिकारी ने बताया कि चिदम्बरम के जेल प्रकोष्ठ को पहले ही तैयार कर दिया गया था, क्योंकि जेल अधिकारियों को आभास था कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के खिलाफ चल रहे अदालती मामलों के मद्देनजर उन्हें यहां लाया जा सकता है।