आतंकवाद सबसे गंभीर चुनौती, एकजुट होकर लडऩा होगा अंतरराष्ट्रीय समुदाय को
   Date06-Sep-2019

नई दिल्ली ठ्ठ 5 सितम्बर (वा)
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को दुनिया के समक्ष सबसे बड़ी सुरक्षा चुनौती करार देते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होकर इससे लडऩा होगा और इसका समर्थन करने तथा इसके लिए धन मुहैया कराने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने की जरूरत है।
दक्षिण कोरिया की यात्रा पर गए श्री सिंह ने सियोल रक्षा संवाद 2019 में प्रमुख वक्ता के रूप में मिलकर शांति स्थापित करना चुनौती और विजन विषय पर बोलते हुए कहा कि दुनिया के समक्ष अनेक सुरक्षा चुनौतियों में से आतंकवाद ही सबसे गंभीर है। आतंकवाद से कोई भी देश सुरक्षित नहीं है और भारत आतंकवाद के खात्मे के लिए द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और संयुक्त राष्ट्र तथा अन्य मंचों के जरिये अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग की दिशा में प्रयासरत है। श्री सिंह ने कहा कि वैश्विक राजनीतिक परिदृश्य निरंतर बदल रहा है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय चुनौती भी मुखर रूप अख्तियार कर रही हैं। नित नई प्रौद्योगिकी का भी क्षेत्रीय तथा वैश्विक सुरक्षा माहौल पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा, हमारे क्षेत्र को आतंकवाद, टकराव, अंतर्राष्ट्रीय अपराधों और समुद्री खतरों जैसे अनेक परंपरागत तथा गैर परांपरागत सुरक्षा खतरों के साथ साथ ऊर्जा की कमी सहित सतत विकास, कम होते अंतर क्षेत्रीय व्यापार तथा संपर्क की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि सीमावर्ती और आस-पास के देशों के साथ अच्छे संबंध भारत की 'पडोसी पहलेÓ की नीति में प्राथमिकता के साथ शामिल हैं। इस नीति में इंडियन ओसियन रिम ऐसोसिएशन और बिमस्टेक देशों के साथ संपर्क और सहयोग बढाना भी शामिल है।