'प्रहारÓ के शिकंजे में नशे के 1346 'सौदागरÓ
   Date06-Sep-2019

भोपाल द्य स्वदेश समाचार
मध्यप्रदेश पुलिस की नारकोटिक्स विंग सहित सभी इकाइयों के साझा प्रयासों से अवैध मादक पदार्थों के कारोबारियों पर कड़ा शिकंजा कसने में बड़ी कामयाबी मिली है। अवैध मादक पदार्थों मसलन स्मैक, अफीम, गांजा, चरस, डोडाचूरा एवं नशीली दवाओं की तस्करी में लिप्त 1346 आरोपियों को 1216 प्रकरणों में पुलिस ने गत अगस्त माह के दौरान चले 'प्रहारÓ अभियान के तहत हवालात पहुंचाया है। साथ ही इसी अभियान से जुड़ी 'प्रतिकारÓ मुहिम के तहत नशे के दुष्प्रभाव बताने के लिए शिक्षण संस्थाओं एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर 4 हजार 797 जनजागरण कार्यक्रम इसी अवधि में आयोजित किए, जिनमें 4 लाख 35 हजार 392 छात्र-छात्राओं एवं जनसामान्य ने नशे का प्रतिकार करने का बीड़ा उठाया।
प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी व कारोबार को कड़ाई से अंकुश लगाने के निर्देश दिए थे। साथ ही युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाने के लिए जनजागरण कार्यक्रम आयोजित करने पर बल दिया था। मुख्यमंत्री के निर्देशों के पालन में पुलिस महानिदेशक विजय कुमार सिंह की पहल पर अगस्त माह के दौरान प्रदेशव्यापी अभियान 'प्रहार एवं प्रतिकारÓ चलाया गया। पिछले तीन साल से ज्यादा कार्रवाई गत आठ माह में मध्यप्रदेश में नशे के अवैध कारोबार को रोकने के लिए मौजूदा साल में पुलिस को मिली बड़ी सफलताओं का अंदाजा गत तीन वर्ष आंकड़ों के तुलनात्मक अध्ययन से सहज ही लगाया जा सकता है।
आठ माह में हुई ज्यादा कार्रवाई - अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नारकोटिक्स विंग अजय कुमार शर्मा से प्राप्त जानकारी के मुताबिक गत तीन वर्षों के पहले आठ माह में एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोपियों के खिलाफ कुल मिलाकर जितनी कार्रवाइयां हुई थीं, उससे कहीं अधिक मौजूदा साल के पहले आठ माह की अवधि (अगस्त माह तक) में हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि पिछले आठ माह में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त 3 हजार 374 आरोपी पकड़े जा चुके हैं, जबकि वर्ष 2016, 2017 व 2018 के पहले आठ माहों में कुल मिलाकर 2 हजार 775 आरोपी पकड़े गए थे।