उज्जैन के चरक हॉस्पिटल में चल रहे सेक्स रैकेट के एक आरोपी को आया हार्टअटैक
   Date21-Sep-2019

उज्जैन स्वदेश समाचार
चिमनगंज मंडी थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी में रहने वाली नाबालिग लड़की को नागझिरी थाना पुलिस ने दो दिन पूर्व संदिग्ध अवस्था में आधी रात को ऑटो रिक्शा में जाते हुए देखा तो रोककर पूछताछ की। पूछताछ में नाबालिग ने पुलिस को बताया कि वह एक सेक्स रैकेट के लिए काम करती है और कुछ लोग उसके साथ दुष्कर्म कर चुके हैं। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को चरक अस्पताल से पूछताछ के लिए उठाया तो उसे आधी रात को हार्टअटैक आ गया। उसका उपचार शहर के निजी अस्पताल में जारी है। इधर आरोपी की पत्नी ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है। वहीं फिलहाल उज्जैन पुलिस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है।
सिंहस्थ 2016 में आगर मार्ग पर जिला अस्पताल के समीप टीबी अस्पताल को तोड़कर भव्य अस्पताल बनाया गया था, जिसका नाम चरक रखा गया। इस चरक अस्पताल में फिलहाल महिलाओं की प्रसूति और बच्चों का अस्पताल चल रहा है। इस भवन के तीसरे तल तक वार्डों के रूप में कक्ष उपयोग में आ रहे हैं। चौथे तल से पूरा भवन सुनसान पड़ा हुआ है। इसी का फायदा सेक्स रैकेट चलाने वाले गिरोह ने उठाया और यहां रात्रि में देह व्यापार चलने लगा। हालात यह रहे कि लंबे समय से अनैतिक कार्य चलता रहा और इस पर न तो अस्पताल प्रशासन की निगाहें गई, न ही कोतवाली थाना पुलिस की। जबकि देह व्यापार के लिए शहर और बाहर के युवक नियमित रूप से यहां आते रहे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार जिस नाबालिग ने सारा घटनाक्रम पुलिस को बताया। उसने पुलिस को एक महिला सहित चरक अस्पताल के सफाईकर्मी, पार्किंग स्टैण्ड, सिक्युरिटी गार्ड के नाम गिनाए, जो कि इस रैकेट को संचालित करते थे। इसी के चलते पुलिस ने एसपी के निर्देशन में धरपकड़ शुरू की। पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर पूछताछ के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों सहित समीपस्थ गांव के कुछ युवकों को भी हिरासत में लिया। इन्हीं में से एक चरक अस्पताल के पार्किंग स्टैण्ड पर काम करने वाले आरोपित को पुलिस ने उठया और पूछताछ की। पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान उक्त युवक को हार्टअटैक आ गया। पुलिस अधिकारी उसे आधी रात को लेकर जिला अस्पताल आए और यहां तबीयत नहीं सुधरने पर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।
शनिवार को उक्त युवक की पत्नी सीमा ने मीडिया के समक्ष पुलिस पर आरोप लगाए। उसने कहा कि उसका पति प्रारंभिक पूछताछ में कबूल चुका था कि वह रात्रि में मरीजों के परिजनों को सोने के लिए बिस्तर सप्लाय करता है। गोलू नामक युवक उसके पास रात्रि में बिस्तर लेने आता था। यह वही युवक है, जिसका नाम दुष्कर्म की शिकार नाबालिग ने पुलिस को बताया था। सीमा ने आरोप लगाया कि उसके पति को बगैर सूचना दिए पुलिस ने चरक अस्पताल से उठाया। वह रातभर थाने-थाने ढूंढती रही। नानाखेड़ा थाने पहुंचकर उसे पता लगा कि उसका पति लॉकअप में है। उसे अपने पति से बात नहीं करने दी गई। अब वह जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। उसके चार बच्चे हैंं। पुलिस वाले आईसीयू में भी उसे नहीं जाने दे रहे हैं।
इधर इस सेक्स रैकेट का खुलासा होने के बाद करीब 7 ऐसी कम उम्र की लड़कियों के बारे में पुलिस ने जानकारी एकत्रित की है, जिन्हें देह व्यापार के पेशे में धकेलने वाली महिला, जो कि पुलिस हिरासत में है, ने नशे का आदी बना दिया था। ये लड़कियां शराब सहित अन्य मादक पदार्थों का सेवन भी करती हैं और आदी हो चुकी हैं। इसी कारण इस पेशे से निकल नहीं पा रही हैं।
अस्पताल प्रशासन और कोतवाली थाना पुलिस भी कठघरे में
इस पूरे मामले में चरक अस्पताल प्रशासन और कोतवाली थाना पुलिस भी कठघरे में है। मामले का खुलासा होने पर नागरिकों में तीखी प्रतिक्रिया है कि इतना बड़ा मामला अस्पताल में रोजाना रात्रि में चलता रहा और अस्पताल प्रशासन को कानोंकान खबर नहीं लगी, आश्चर्य की बात है। वहीं कोतवाली थाना क्षेत्रांतर्गत अस्पताल होने के बाद भी पुलिस तक यहां चल रही गतिविधियां नहीं पहुंची, पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगाती है। हालांकि चर्चा में एसपी का कहना था कि विवेचना जारी है, दोषियों को नहीं बक्शा जाएगा, किसी के साथ अन्याय भी नहीं किया जाएगा। इधर उच्च स्तर तक मामला पहुंचने के बाद सिविल सर्जन डॉ. परमार ने कहा कि वे दो दिन में चौथी और पांचवीं मंजिल पर सीसीटीवी कैमरे लगवा देंगे ताकि कोई भी गतिविधि पकड़ी जा सके।