अब तक उज्ज्ैन में 39 इंच बारिश
   Date12-Sep-2019


ठ्ठ उज्जैन में इंदौर एवं देवास क्षेत्र में हो रही बारिश के चलते शहर में शिप्रा नदी का जलस्तर गुरुवार को भी बढ़ा रहा। छोटा पुल जहां डूबा रहा, वहीं बड़े पुल को पार करने को नदी बेताब दिखी।
ठ्ठ शाजापुर जिले में अब तक 58 इंच बारिश हो चुकी है। नदी-नालों में उफान जारी है। गुरुवार शाम 5 बजे तक बीते 24 घंटों में 55 मिलीमीटर यानी 2 इंच बारीश दर्ज की गई। वहीं 1 जून से 12 सितम्बर तक कुल 1456 मिलीमीटर यानी 58 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। जिले में फसल लगभग बर्बाद हो गई है और चीलर नदी अब तक 5 से 7 बार उफान पर आ चुकी है।
ठ्ठ खंडवा जिले में अब तक 38 इंच बारिश दर्ज की गई। मथेला क्षेत्र में कपास और सोयाबीन की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। नर्मदा से सटे हुए नदी-नाले और तालाबों में पानी लबालब है।
ठ्ठ राजगढ़ जिले व पचोर में अभी तक 54 इंच बारिश दर्ज की गई। देर रात से जारी बारिश का दौर दिनभर चला। 24 घंटे में कुल 4 इंचा पानी गिरा। पिछले वर्ष इस समय 30 इंच बारिश हुई थी।
ठ्ठ रतलाम जिले में गर्त वर्ष की तुलना में इस वर्ष 22 इंच अधिक वर्षा हो चुकी है। 24 घंटों में रिमझिम बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को कुल 1 इंच पानी गिरा। अभी तक वर्षा का आंकड़ा 52 इंच पहुंच चुका है।
ठ्ठ मंदसौर में अब तक 60 इंच बारिश हो चुकी है। जिले में बारिश एक माह से जारी है। दो दिन पानी खुलता है, फिर आ जाता है। अब तक यहां 60 इंच से अधिक बारिश हो चुकी है और खेतों में भी पानी 
भरा है, जिससे फसलें खराब हो गई हैं। शिवना नदी हर तीसरे दिन उफान पर आ जाती है, जिसका पानी नगर में भी घरों में घुस जाता है। व्यापार-व्यवसाय पूरी तरह ठप है।
ठ्ठ धार जिले में अब तक 44 इंच बारिश दर्ज की गई। अतिवृष्टि से सोयाबीन की फसल नुकसानी की कगार पर है, क्योंकि लगातार बारिश से फसल जलमग्न हो गई है। इससे इल्ली पड़ गई और फसलें गलने लग गई। जिलेभर के सभी जलस्रोत लबालब हैं।
ठ्ठ खरगोन जिले में अत्यधिक बारिश से मंूग, चवला की फसलें तो पहले ही बर्बाद हो गई। इस समय बारिश की मार कपास और सोयाबीन की फसल पर पड़ रही है। ऐसी ही बारिश होती रही तो ये भी नष्ट हो जाएंगी। गर्मी में बोई गई कपास फसल पक गई, लेकिन कपास काला पड़ गया।