मोदी सरकार के १०० दिन में बढ़ी देश की सुरक्षा, दुनिया में बढ़ा सम्मान - नित्यानंद राय
   Date11-Sep-2019

भोपाल द्य स्वदेश समाचार
लक्ष्य का निर्धारण और उसकी प्राप्ति के लिए कठिन परिश्रम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वभाव की विशेषता है और इसी के कारण 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वासÓ के ध्येय को लेकर चल रही इस सरकार को अपने 100 दिनों के कार्यकाल में अद्भुत परिणाम मिले हैं। इस सरकार ने 100 दिनों के छोटे से समय में देश की एकता, अखंडता को मजबूत करने वाले कई साहसिक कदम उठाए हैं, जिनसे देश पहले से ज्यादा सुरक्षित हुआ है और पूरी दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा है।
यह बात केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को प्रदेश कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए कही। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री राकेश सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।
मुख्य धारा से जुड़े जम्मू-कश्मीर और लद्दाख - श्री राय ने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35-ए के कारण जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद पनपता रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने इन दोनों अनुच्छेदों को समाप्त करके आतंकवाद के समूल नाश की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। सरकार के इस निर्णय से इस क्षेत्र के लोग देश की मुख्यधारा से जुड़ेंगे तथा देश की एकता-अखंडता को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बना दिया है, जिससे इन दोनों ही राज्यों में सामाजिक, आर्थिक एवं बुनियादी ढांचे को बल मिलेगा और उनके विकास में आ रही अड़चनें दूर होंगी। सरकार ने राज्य के वंचितों और दलितों को आरक्षण प्रदान कर उनकी तरक्की का मार्ग प्रशस्त कर दिया है।
दुनिया में बढ़ी देश की साख - श्री राय ने कहा कि मोदी सरकार के प्रयासों से दुनिया में भारत की साख और सम्मान बढ़ा है। यही वजह है कि पाकिस्तान दुनिया में अलग-थलग पड़ गया है और उसके द्वारा किए जा रहे दुष्प्रचार पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। भारत पर्यावरण के मुद्दे पर दुनिया का नेतृत्व कर रहा है और इसके लिए हमारे प्रधानमंत्री को संयुक्त राष्ट्र संघ का प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला है।
जलसंकट के प्रति सतर्क सरकार - श्री राय ने कहा कि मोदी सरकार ने भविष्य में पैदा होने वाले जलसंकट को अभी से पहचान लिया है और उसके लिए प्रयास भी शुरू कर दिए हैं। सरकार 2022-24 तक सभी को पीने के लिए स्वच्छ जल उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास कर रही है। सरकार ने आने वाले जलसंकट को पर्याप्त गंभीरता से लेते हुए अलग से जलशक्ति मंत्रालय का गठन किया है।