जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में नया युग शुरू
   Date09-Aug-2019

राष्ट्र के नाम सम्बोधन : प्रधानमंत्री ने कहा - अनुच्छेद 370 और 3५-ए से पाक ने फैलाया आतंक
नई दिल्ली द्य 8 अगस्त (वा)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के नाम गुरुवार की रात आठ बजे संबोधित करते हुए अनुच्छेद 370 पर चर्चा की और कहा कि इससे होने वाले नुकसान के बारे में कोई चर्चा नहीं कर रहा था। पीएम मोदी ने कहा पिछले तीन दशक में करीब 45 हजार लोगों की जानें गई जबकि यह वहां के लोगों के विकास में सबसे बड़ा बाधक था। प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के बाद देश को संबोधित करते हुए आश्वासन दिया कि सरकार के इस फैसले से विकास होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में एक नए युग की शुरुआत हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश में कहा कि एक ऐसी व्यवस्था, जिसकी वजह से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हमारे भाई-बहन अनेक अधिकारों से वंचित थे, जो उनके विकास में बड़ी बाधा थी, वो अब दूर हो गई है। जम्मू कश्मीर के आर्टिकल 370 पर पीएम मोदी ने कहा कि आर्टिकल 370 और 35ए ने जम्मू कश्मीर को अलगाववाद, आतंकवाद, परिवारवाद और व्यवस्थाओं में बड़े पैमाने में फैले भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिया।
८ बजे की ८ प्रमुख बातें-
ठ्ठ आर्टिकल 370 और 35ए ने जम्मू कश्मीर को अलगाववाद, आतंकवाद, परिवारवाद और व्यवस्थाओं में बड़े पैमाने में फैले भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिया। इन दोनों अनुच्छेद का देश के खिलाफ कुछ लोगों की भावनाएं भड़काने के लिए पाकिस्तान द्वारा एक शस्त्र की तरह उपयोग किया जा रहा था।
ठ्ठ पहले की सरकारें कानून बनाकर वाहवाही लूटती थीं, वो भी ये दावा नहीं कर पाती थीं कि उनका कानून घाटी में लागू होगा। उन कानूनों के लाभ से जम्मू कश्मीर के लोग वंचित रह जाते थे। शिक्षा के अधिकार के लाभ से बच्चे अब तक वंचित थे।
ठ्ठ कानून बनाते समय काफी बहस होती हैं उसकी आवश्यकता को लेकर गंभीर पक्ष रखे जाते हैं। इस प्रक्रिया से गुजरकर जो कानून बनता है,वो पूरे देश के लोगों का भला करता है, लेकिन कोई कल्पना नहीं कर सकता कि संसद इतनी बड़ी संख्या में कानून बनाए और वो देश के एक हिस्से में लागू ही नहीं हों।
ठ्ठ देश के अन्य राज्यों में सफाई कर्मचारियों के लिए सफाई कर्मचारी एक्ट लागू है, लेकिन जम्मू-कश्मीर के सफाई कर्मचारी इससे वंचित थे। देश के अन्य राज्यों में दलितों पर अत्याचार रोकने के लिए सख्त कानून लागू है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में ऐसे कानून लागू नहीं होते थे।
ठ्ठ हमारे देश में कोई भी सरकार हो, वो संसद में कानून बनाकर देश की भलाई के लिए कार्य करती है। किसी भी दल या गठबंधन की सरकार हो, ये कार्य निरन्तर चलता रहता है।
ठ्ठ समाज जीवन में कुछ बातें, समय के साथ इतनी घुल-मिल जाती हैं कि कई बार उन चीजों को स्थाई मान लिया जाता है। अनुच्छेद 370 के साथ भी ऐसा ही भाव था। उससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हमारे भाई-बहनों की जो हानि हो रही थी, उसकी चर्चा ही नहीं होती थी।