भारत और बांग्लादेश के बीच गृहमंत्री स्तर की वार्ता
   Date09-Aug-2019

नई दिल्ली ठ्ठ 8 अगस्त (वा)
भारत ने बंाग्लादेश की इस नीति की सराहना की है कि वह कट्टरपंथियों और उग्रवादियों को भारत सहित अन्य देशों में हिंसा फैलाने के लिए अपने भूभाग का इस्तेमाल नहीं करने देगा। दोनों देशों के बीच गृहमंत्री स्तर की सातवीं बैठक में भारत की ओर से यह बात कही गई।
बैठक में गृहमंत्री अमित शाह और बांग्लादेश के गृहमंत्री असद-उज-जमा खान के साथ साथ वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। बैठक में इस बात पर संतोष जताया गया कि दोनों देश सुरक्षा एवं सीमा प्रबंधन समेत प्रत्येक क्षेत्र में पहले के मुकाबले कहीं अधिक मिलकर काम कर रहे हैं। दोनों ने सीमा पर सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई और सीमा सुरक्षा बलों के बीच करीबी सहयोग की सराहना की। श्री शाह ने बांग्लादेश की उस नीति की सराहना कि जिसके मुताबिक वह कट्टरपंथियों और उग्रवादियों को उसके भूभाग का इस्तेमाल भारत समेत दूसरे देशों में हिंसा फैलाने के लिए नहीं करने देगा। बैठक में द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। दोनों गृहमंत्रियों ने जोर देकर कहा कि सीमापार अपराध के खतरे को रोकने की जरूरत है। इसके लिए दोनों सुरक्षित सीमा के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए। दोनों पक्षों ने सीमा पर सुरक्षा एवं आधारभूत ढांचे से जुड़े लंबित मुद्दों की भी समीक्षा की और इन मामलों को तेजी से हल करने के लिए कदम उठाने पर सहमति व्यक्त की।
श्री शाह ने विशेष रूप से पूर्वोत्तर में घुसपैठ की समस्या का समाधान खोजने पर जोर देते हुए सीमा पार से अवैध घुसपैठ के बारे में भारत की चिंता को साझा किया।
श्री शाह ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के विकास के एजेंडे को भारत के पूर्ण समर्थन की बात दोहराई। दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय संबंधों के महत्व को दोहराते हुए कहा कि 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान बना ये संबंध सामरिक साझेदारी से काफी आगे जा चुका है और दुनिया भर के लिए अच्छे पड़ोसी संबंधों की प्रेरणा बन गया है। इसकी जड़ें इतिहास, संस्कृति, भाषा और साझे लोकतांत्रिक मूल्यों, धर्मनिरपेक्षता, विकास साझेदारी तथा अनगिनत दूसरी समानताओं तक फैली हैं।
गृह मंत्री ने अपने बांग्लादेशी समकक्ष को वहां शरण लेने वाले म्यांमार के नागरिकों की सुरक्षित और शीघ्र वापसी के लिए भारत के सतत समर्थन का भरोसा दिलाया। भारत इन लोगों को सितंबर 2017 से चार जगहों पर मानवीय सहायता उपलब्ध करा रहा है। दोनों नेताओं ने लोगों के बीच संपर्क को आसान बनाने समेत व्यापार, स्वास्थ्य एवं पर्यटन से जुड़ी आवाजाही के लिए सहयोग बढ़ाने पर भी आगे बढऩे की बात कही।