अनुच्छेद 370 को हटाने की जमीन पहले कार्यकाल में की गई थी तैयार
   Date09-Aug-2019

नई दिल्ली ठ्ठ 8 अगस्त (वा)
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि अनुच्छेद 370 को समाप्त करने और जम्मू-कश्मीर को विभाजित करने के निर्णयों से लोगों के साथ 70 वर्षों से हो रहा भेदभाव खत्म हो गया है और इसकी जमीन सरकार के पहले कार्यकाल में तैयार कर ली गई थी।
श्री सिंह ने आज यहां रक्षा अध्ययन और विश्लेषण संस्थान (आईडीएसए) की वार्षिक आम सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में इस मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए जमीन तैयार की गई थी और दूसरी बार सत्ता में आने के बाद उस दिशा में कदम उठाया गया है।
बाद में अपने भाषण के सिलसिलेवार ट्विट करते हुए उन्होंने कहा हमारी सरकार ने इस देश के सुरक्षा तंत्र को न केवल बहुआयामी बनाया है बल्कि किसी भी सुरक्षा चुनौती से निपटने का हमारा तरीका भी बेहद डायनामिक है। हमारी सरकार ने संकल्प लिया था कि दशकों से चली आ रही इस कश्मीर समस्या का कोई स्थायी समाधान करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार ने न केवल अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया बल्कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग-अलग केन्द्र शासित प्रदेश बनाकर सत्तर सालों से वहां की अवाम के साथ हो रही भेदभाव की राजनीति को खत्म कर दिया है।
उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक निर्णय के दूरगामी परिणाम होने वाले हैं। यह हमारे कुछ पड़ोसियों को रास नहीं आया है। उनके द्वारा इस बात की कोशिश की जा रही है कि कैसे भारत में और खासतौर पर जम्मू-कश्मीर में माहौल को बिगाड़ा जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह की स्थिति में पहली परीक्षा सुरक्षा तंत्र की होती है और सेना तथा अन्य सुरक्षाबलों ने इस परीक्षा को बड़ी और कड़ी चुनौती के रूप में स्वीकार किया है और तमाम आशंकाओं के बावजूद उन्होंने माहौल को बिगडऩे नहीं दिया है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि संवाद और सहयोग देश की रक्षा और सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा पक्ष है इसे देखते हुए सरकार ने पड़ोसी पहले की नीति शुरू की। उन्होंने कहा कि दोबारा सत्ता संभालने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सबसे पहले जल सीमा से जुड़े पडोसी देश मालदीव गए।
रक्षा मंत्री के तौर पर वह भी मोजाम्बिक गये। हिंद महासागर का पूरा इलाका देश के सामरिक हितों के मद्देनजर बेहद महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र के सभी पड़ोसी भारत के साथ बेहतर और गहरे संबंध बनाने को उत्सुक है। जल सीमा से लगे पड़ोसियों के साथ सहयोग बढ़ाने पर हमारा पूरा जोर रहेगा। पाकिस्तान का नाम लिये बिना उन्होंने कहा , " आप दोस्त बदल सकते है मगर पड़ोसी का चुनाव आप के हाथ नहीं होता और जैसा पड़ोसी हमारे बगल बैठा है वैसा पड़ोसी तो उपर वाला किसी को न दे"
उधर
राजनाथ सिंह का तंज: पाकिस्तान जैसा पड़ोसी भगवान किसी को न दे, आप दोस्त बदल सकते हैं मगर...
कश्मीर से आर्टिकल 370 खत्म किए जाने के भारत सरकार के फैसले से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर तंज कसते हुए कहा है कि भगवान करे किसी भी देश को पाकिस्तान जैसा पड़ोसी न मिले। राजनाथ सिंह का यह बयान उस घटना के एक दिन बाद आया है, जिसमें इस्लामाबाद ने भारत के साथ राजनियक और व्यापारिक संबंधों को खत्म करने का फैसला लिया है। दिल्ली में एक सेना के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी मुख्य चिंता हमारा पडो़सी है। समस्या ये है कि आप अपने दोस्त बदल सकते हैं, मगर पड़ोसी नहीं। मैं परमात्मा से प्रार्थना करता हूं कि किसी को ऐसा पड़ोसी न मिले, जैसा हमारा पाकिस्तान है। राजनाथ सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की टिप्पणी को दोहराया कि कोई भी देश अपने पड़ोसी राष्ट्र को नहीं बदल सकता है।संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू और कश्मीर को मिले विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद बुधवार को पाकिस्तान ने भारत के साथ व्यापार संबंधों में कटौती की और भारत के साथ राजनयिक संबंध को पूरी तरह खत्म कर दिया। इतना ही नहीं, उसने पाकिस्तान में स्थित भारतीय राजनयिक को भी चले जाने को कहा।गौरतलब है कि भारत सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले प्रावधानों को हटाते हुए सीमावर्ती राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेश में विभाजित कर दिया था। सरकार के इस कदम को संसद की मंजूरी भी मिल चुकी है।