अनूठा संगठन
   Date08-Aug-2019

प्रेरणादीप
प्र सिद्ध साप्ताहिक केसंपादक रूसी की नागपुर के संघ कार्यालय में रज्जू भैया से अनेक विषयों पर चर्चा हुई। तभी भोजन की घंटी बज गई। रज्जू भैया ने रूसी करंजिया से कहा - 'चलो पहले भोजन कर लेते हैं।Ó
भोजन कक्ष में बिछी हुई टाट-पट्टी पर वे बैठ गए। कुछ अन्य कार्यकर्ता भी उनके साथ बैठ गए। अचानक रूसी करंजिया ने रज्जू भैया के बगल में बैठे व्यक्ति से उसका परिचय पूछा।
उस व्यक्ति ने बताया - 'मैं माननीय रज्जू भैया का कार चालक हूँ।Ó
यह सुनते ही रूसी करंजिया चौंक गए। इतने बड़े संगठन के प्रमुख और उनका ड्राइवर एक साथ जमीन पर बैठकर एक जैसा भोजन कर रहे हैं। भोजन के उपरांत रज्जू भैया ने रूसी करंजिया से कहा- 'पूछिये, आप हमारे संगठन के बारे में और क्या जानना चाहते हैं?Ó
तब रूसी ने श्रद्धापूर्वक रज्जू भैया से कहा- 'मेरी सारी भ्रांतियां दूर हो गई है, अब मुझे आपके संगठन के विषय में कुछ नहीं पूछना है। यही एक ऐसा संगठन है जहां सरसंघचालक और कारचालक एक साथ टाट-पट्टी पर बैठकर भोजन कर सकते हैं।Ó