एयर इंडिया की पूरी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी
   Date29-Aug-2019

नई दिल्ली द्य 29 अगस्त (वा)
नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को कहा कि सरकार का काम एयरलाइन चलाना नहीं है और इसलिए सरकारी विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया की शत-प्रतिशत हिस्सेदारी बेची जानी चाहिए।
श्री पुरी ने यहां एक कार्यशाला में संवाददाताओं से कहा- सरकार एयर इंडिया के विनिवेश के लिए प्रतिबद्ध है। एयर इंडिया उत्तम श्रेणी की एयरलाइन है। उसका सुरक्षा रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है, लेकिन एयरलाइन चलाना सरकार का काम नहीं है। एयर इंडिया का निजीकरण करना ही होगा, लेकिन उसके बावजूद वह एयर इंडिया बनी रहेगी, देश का गौरव बनी रहेगी। विमानन क्षेत्र में नौकरी खोजने वालों और नौकरी देने वालों को एक ही मंच पर लाने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्री ने इस मौके पर 'एविएशन जॉब्स पोर्टलÓ के नाम से एक वेबसाइट भी लॉन्च की। संवाददाताओं के प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि एयर इंडिया के विनिवेश के लिए गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में बने मंत्रियों के समूह की पहली बैठक जल्द ही होने वाली है। उन्होंने कहा कि एयर इंडिया का पूर्ण विनिवेश ही एकमात्र विकल्प है - यह काम जल्द से जल्द किया जाना चाहिए और हम सबसे अच्छा सौदा करेंगे। उल्लेखनीय है कि सरकार ने एयर इंडिया के विनिवेश के लिए पिछले साल के आरंभ में निविदा जारी की थी, लेकिन उसे कोई खरीददार नहीं मिला।
पिछली बार कंपनी की 76 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचने के लिए निविदा आमंत्रित की गई थी।