फारुख-उमर ने कश्मीर मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी से की चर्चा
   Date02-Aug-2019

नई दिल्ली द्य नेशनल कांफ्रेंस (एनसीपी) अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उनसे न्यायिक मामलों का समाधान अदालत के जरिए तथा अन्य मामलों का हल राज्य की निर्वाचित सरकार के माध्यम से कराने का आग्रह किया। इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि ऐसी आशंका जताई जा रही है कि केंद्र सरकार 15 अगस्त के बाद राज्य से संबंधित संविधान के अनुच्छेद 35-ए को समाप्त कर सकती है। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने हालांकि इन अफवाहों को बुधवार को निराधार बताया था और कहा था कि अनुच्छेद 35-ए को समाप्त करने की कोई मंशा नहीं है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पार्टी उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री से राज्य की मौजूदा स्थिति को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। श्री उमर ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखा- पार्टी अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला तथा सांसद न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) मसूदी के नेतृत्व में एनसीपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने सुबह प्रधानमंत्री से मुलाकात की। इस दौरान हमने श्री मोदी को राज्य की मौजूदा स्थिति के बारे में अपने आकलन से अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने उनसे (श्री मोदी) जल्दबाजी में कोई ऐसा कदम नहीं उठाने की अपील की, जिससे राज्य की स्थिति, विशेषकर पहले से ही खराब घाटी के हालात और बिगड़े। उन्होंने कहा- हमने विशेष तौर पर उनसे न्यायिक मामलों का समाधान अदालत के जरिए और अन्य मामलों का हल निर्वाचित सरकार के माध्यम से कराने की अपील की है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष श्री अब्दुल्ला ने श्री मोदी से कहा कि राज्य में एक वर्ष से अधिक समय से कोई निर्वाचित सरकार नहीं है। उन्होंने श्री मोदी से शीतकालीन सत्र से पहले विधानसभा चुनाव करवाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने की अपील की। उन्होंने ट्विटर पर लिखा- बैठक बहुत ही सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई और हमारे साथ आज की बैठक के लिए हम श्री नरेंद्र मोदी साहब के आभारी हैं।