पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही रूपांतरण संस्था
   Date02-Aug-2019

उज्जैन द्य ललित ज्वेल
शहर के युवाओं का एक समूह है जो सोशल मीडिया पर उज्जैन वाला ग्रुप के नाम से चर्चित है। इस गु्रप के सदस्य पर्यावरण क्रांति लाने के लिए मेहनत कर रहे हैं। इसी ग्रुप के कुछ सदस्यों ने तय किया कि, इंदौर मार्ग स्थित शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज द्वारा बंजर जमीन पर निर्मित किए गए स्मृति वन में कुछ ऐसा किया जाए जो चिर स्मृति के रूप में शहर के पटल पर स्थापित हो जाए। इस ग्रुप के युवा सदस्यों ने पौधारोपण शुरू किया और नियमित रूप से प्रति रविवार उनकी देखरेख के लिए जाने लगे। आज यहां पर वास्तविक स्मृति वन दिखाई देने लगा है। प्रकृति के श्रृंगार में उज्जैन वाला ग्रुप का सहयोग रूपांतरण संस्था ने भी दिया। दोनों संस्थाओं में एक अंतर और एक समानता है। उज्जैन वाला ग्रुप जहां सोशल मीडिया पर मोटीवेट करने का काम करता है वहीं रुपांतरण संस्था जमीनी गतिविधियां संचालित करती है। श्रावण के महीने में इस स्मृति वन मेंयदि जाएं तो मन इसलिए प्रफुल्लित होगा क्योंकि यहां जो काम हुआ है वह बिना शासकीय सहयोग के स्वप्रेरित होकर किया गया है। इस कार्य की जानकारी देते हुए लोकमान्य तिलक विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक मनोहर शर्मा और समाजसेवी राजीव पाहवा बताते हैं कि, उन्होंने जिससे भी सहयोग की बात कही वह तत्पर हो गया। उनके अनुसार सभी पर्यावरण प्रेमी रविवार को या शासकीय अवकाश के दिन स्वप्रेरणा से स्मृति वन पहुंचते हैं और पौधों तथा वन का संधारण करते हैं। सिंचाई के अलावा खरपतवार उखाड़कर फेंकते हैं और 4 से 5 घंटे का परिश्रम करते हैं। उन्होंने साथियों के नाम भी बताए साथ ही आग्रह किया कि, यह सब पब्लिसिटी के लिए नहीं बल्कि पर्यावरण के लिए काम कर रहे हैं। स्मृति वन में अपनी स्मृति के हस्ताक्षर करने वाले अन्य नाम हैं संजय व्यास, पीयूष चौहान, राजेन्द्र उपाध्याय, अमिताभ शुक्ला, लक्की, लोकेश, अमिताभ, सुधांशु, जयंत दाभाड़े, संजीव गेहलोत, रविभूषण श्रीवास्तव। श्री शर्मा और श्री पाहवा के अनुसार ये सभी तन-मन-धन से इस कार्य में सहयोग दे रहे हैं। इसीलिए साधुवाद के पात्र हैं।